तीन भाई-बहिन चिकित्सक बनकर दिल्ली एवं बीकानेर में कोरोना महामारी में दे रहे है अपनी सेवाएं
सादुलपुर,(राजेश राजपुत)22 मई। तीन भाई-बहिन चिकित्सक बनकर दिल्ली एवं बीकानेर में कोरोना महामारी में अपनी सेवाएं दे रहे है कोरोना जैसी महामारी के बीच स्थानीय निवासी दो बहिनें एवं एक भाई चिकित्सक के रूप में दिल्ली और बीकानेर में कोरोना मरीजों की सेवा कर कर्मयौद्धा बनकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। सादुलपुर निवासी डॉ. जयराम लखटकिया की बड़ी पुत्री डॉ.लविका लखटकिया दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में तथा पुत्र डॉ. आकाश लखटकिया दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में तथा छोटी पुत्री डॉ.कोमल लखटकिया बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में चिकित्सक पद पर कार्यरत है तथा अपनी जिम्मेदारी के साथ कोरोना से जंग लड़ रहे हैं तथा मरीजों की सेवा कर रहे हैं। तीनों भाई-बहिन अलग-अलग अस्पतालों में गत तीन माह से अस्पतालों में बने कोरोना आईसीयू में लगातार सेवा दे रहे हैं। तीनों चिकित्सक प्रतिदिन छह घंटे ड्यूटी के साथ-साथ आॅन-काॅल भी अपनी सेवा देने में पीछे नहीं हैं। पिछले तीन महिनों से कोरोना वायरस एवं लाॅकडाउन के चलते अपने घर भी नहीं आ सके हैं। लेकिन समय मिलने पर सप्ताह में एक-दो बार अपने पिता डॉ. जयराम लखटकिया तथा माता सिलोचना देवी लखटकिया से मोबाइल फोन से वीडियाॅ काॅल कर अपने माता-पिता के स्वास्थ्य एवं घर की जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। डॉ.लविका लखटकिया ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि महामारी को मजाक नहीं, गंभीरता से लोग समझें। उन्होंने बताया कि अस्पताल में अनेक वार्ड पाॅजिटिव, आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं तथा अपने साथी स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कोरोना से जंग कर ड्यूटी निभा रहा है। वहीं डॉ. आकाश लखटकिया का कहना है कि संकट की घड़ी में देश सेवा का मौका मिला है। जो उसके लिए गौरव का विषय है। डॉ.कोमल लखटकिया ने कहा कि अपने माता-पिता की प्रेरणा से डॉ.बनने का सपना पूरा किया है तथा आज देश सेवा का अवसर मिला है। जिस पर उसे गर्व है तथा कोरोना से लड़ना है, बीमार से नहीं। कोरोना मुक्त भारत बनाना है। इसी कामना के साथ सेवा में जुटे हैं।
