एसकेआरएयू लाॅकडाउन के दौरान उपयोगी सिद्ध हुई कृषि यंत्रों के परीक्षण की ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था

अब तक आए 35 आवेदन, पैंतीस लाख से अधिक राजस्व अर्जित

बीकानेर,(देवेन्द्र स्वामी ) 13 मई। कृषि यंत्र एवं मशीनरी परीक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा कृषि यंत्रों के परीक्षण के आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया इन दिनों बेहद उपयोगी सिद्ध हुई है। लाॅकडाउन के दौरान केन्द्र को कृषि यंत्र परीक्षण के 35 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं, जिनसे केन्द्र को लगभग 35 लाख रुपये का राजस्व अर्जन भी हुआ है।स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने बताया कि केन्द्र द्वारा कृषि यंत्रों के परीक्षण के लिए गत दिनों ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई। लाॅकडाउन के दौरान गत 22 मार्च से लेकर अब तक 35 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सभी आवेदन पंजाब के यंत्र निर्माता कंपनियों के हैं तथा धान की सीधी बिजाई करने वाली मशीन (डायरेक्ट सोविंग मशीन) के हैं। यह मशीनें खरीफ की बुवाई के दौरान किसानों के काम आएंगी। उन्होंने बताया कि लाॅकडाउन खुलते ही यह मशीनें केन्द्र पहुंच जाएंगी, जिनका नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी यंत्र निर्माता कंपनियों द्वारा केन्द्र की वेबसाइट पर आवेदन किया गया है तथा केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क (लगभग एक लाख रुपये प्रति यंत्र) जमा करवा दिए गए हैं। केन्द्र द्वारा आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है।
परीक्षण मापदंडों पर खरे उतरे 600 यंत्र
प्रो. सिंह ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा देशभर में ऐसे 31 केन्द्र स्थापित किए हुए हैं। इन केन्द्रों द्वारा भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी पर दिए जाने वाले कृषि यंत्रों का परीक्षण किया जाता है। केन्द्र के परीक्षण मापदंडों पर अब तक हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, गुजरात, तमिलनाडू और हिमाचल प्रदेश के लगभग 600 यंत्र खरे उतरे हैं। इनमें से आवश्यकता के अनुरूप यंत्र विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध भी करवाए जा रहे हैं। केन्द्र द्वारा परीक्षण की त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। इसे प्रयोगशाला एवं फील्ड में विभिन्न मापदण्डों पर खरा उतरना पड़ता है।
 सीलिंग’ पर केन्द्र सरकार ने लगाई अस्थाई रोक
कृषि यंत्र एवं मशीनरी परीक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र के प्रभारी इंजी. विपिन लढ्ढा ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर कृषि कार्यों की अनिवार्यता को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा आगामी आदेशों तक आवेदन को ही आधार मान लिया है। इसके बाद परीक्षण के लिए आवेदन किए गए प्रत्येक यंत्र को आगामी आदेशों तक सब्सिडी पर उपलब्ध करवाया जा सकेगा। साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा यंत्रों की सीलिंग व्यवस्था पर भी रोक लगा दी है। इसके तहत केन्द्र द्वारा परीक्षण के लिए निर्धारित न्यूनतम संख्या के तैयार यंत्रों में से किसी एक को परीक्षण के लिए सील किया जाता रहा है। नई व्यवस्था के तहत यंत्र निर्माता किसी भी यंत्र को परीक्षण के लिए भिजवा सकेंगे।

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