मजबूरी में छोड़ना पड़ रहा है झुंझुनू वरना यहां से जाकर कौन खुश है साहेब

मजदूरों ने हाथ हिलाकर किया सरकार व प्रशासन का अभिन्नदन

झुंझुनू,(जय जांगिड़)17 मई। हाथ में पानी की बोतल, गले में गमछा, मुंह पर मास्क और दिल में अपने प्रदेश जाने की खुशी लिए झुंझुनू से शनिवार रात 10 बजकर 16 मिनट प्रवासी मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेन नंबर 04897 प्लेटफार्म नंबर एक से 1416 यात्री उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हुए। हालांकि अपने प्रदेश वापस जाने की खुशी प्रवासी मजदूरों के चेहरों पर देखते ही बन रही थी लेकिन उनके मन में लॉक डाउन के चलते राजस्थान प्रदेश से जाने की मायूसी भी साफ झलक रही थी। प्रवासी मजदूरों ने कहा कि मजबूरी में छोड़कर जाना पड़ रहा है झुंझुनूं वरना यहां से जाकर कौन खुश है साहेब। दाना-पानी रहा तो फिर आएंगे।

जिला प्रशासन द्वारा अल सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। शारीरिक दूरी को कायम रखते हुए सभी प्रवासी मजदूरों को एक-एक करके ट्रेन में सवार किया गया। ना केवल कोच बल्कि प्रवासी मजूदरों के हाथ भी सेनेटाईज करवाए गए। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद व बरेली के लिए रवाना हुई ट्रेन के चलने पर प्रवासी मजदूरों ने हाथ हिलाकर जिला प्रशासन व सरकार का अभिनंदन व आभार जताया।

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी संक्रमण से बचाव के चलते लॉक डाउन में ऐसे अनेक प्रवासी मजदूर हैं जो दूसरे प्रदेशों से राजस्थान के विभिन्न जिलों में काम कर रहे हैं। अपने घरों से दूर होने के चलते वे अब अपने प्रदेश वापस जाना चाहते हैं। ऐसे मजदूरों की सुविधा के लिए राजस्थान सरकार द्वारा रेलगाड़ी व बस की व्यवस्था की गई है। शनिवार को झुंझुनू केंद्रीय बस स्टैंड पर झुंझुनू उपखंड अधिकारी सुरेंद्र यादव द्वारा स्वयं माइक पर घोषणा करते हुए शारिरिक दूरी की पालना करवाते हुए सभी यात्रियों की स्कैनिंग करवाकर राजस्थान परिवहन की बसों द्वारा झुंझुनू रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया। उपखंड अधिकारी सुरेंद्र यादव ने बताया कि सभी श्रमिकों को रवाना करने से पूर्व भोजन की व्यवस्था की गई और रात के भोजन के लिए भी सभी यात्रियों की व्यवस्था रेलगाड़ी में भूख के समय हो इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

रेलवे स्टेशन पर किए गए सभी जरूरी इंतजाम
सभी प्रवासी मजदूरों को बस के माध्यम से रेलवे स्टेशन तक लाया गया। प्रवासी मजदूरों को रवाना करने के दौरान रेलवे स्टेशन पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए। जहां एक तरफ रेलवे प्लेटफार्म को वैक्यूम क्लिनर से बार-बार साफ किया गया। वहीं दूसरी ओर प्रत्येक यात्री यानि प्रवासी मजदूर के हाथ सेनीटाईज किए गए। यात्रियों की स्टेशन से बाहर ही थर्मल स्कैनिंग की गई।

राजस्थान सरकार ने उठाया टिकटों का खर्चा
प्रवासी मजदूरों के सफर का खर्च राजस्थान सरकार ने वहन किया है। प्रत्येक यात्री को शारीरिक दूरी के साथ बैठाया गया। यात्रियों ने भी प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना की और भौतिक दूरी को बनाए रखा।

ट्रेन में सवार होने से पूर्व बदायूं के पास बिसौली के युवा विदित शर्मा ने बताया कि वह यहां पर शहर के रोड नंबर 2 पर एक इंस्टिट्यूट में ट्रेनिंग देने के लिए यहां आया था और यहां रहकर मुझे कभी यह महसूस नहीं हुआ कि मैं अपने घर से दूर हूं। यहां का खान-पान और रहन-सहन ने कभी मुझे घर से दूर होने का आभास नहीं होने दिया। यहां पर उनको किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी, लेकिन लॉक डाउन के कारण उनको यहां से जाना पड़ रहा है। इसी प्रकार बरेली के मन्ने अली ने बताया कि वे यहां से बिल्कुल नहीं जाना चाहते थे लेकिन पीछे परिवार के हालात ही ऐसे बन गए हैं कि उनको जाना पड़ रहा है।

इस दौरान झुंझुनू उपखंड अधिकारी सुरेंद्र यादव ने बताया कि शनिवार को उत्तर प्रदेश के लिए श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ी से 1416 श्रमिक बच्चों सहित रवाना हुए हैं। सभी प्रवासी यात्रियों का पंजीकरण किया गया है और उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। उसके बाद ही उनको रवाना किया गया। यात्रियों को सेनीटाईज करके गाड़ी में बैठाया गया।

स्काउट गाइड का रहा विशेष योगदान

स्काउट गाइड के 70 स्काउट गाइडों ने सभी प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य परीक्षण, यात्रियों को उनकी सीट तक पहुंचाने, पानी की व्यवस्था व उनके सामान को उनके सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में हाथों में ग्लब्स, मुंह पर मास्क व पूर्ण गणवेश के साथ महेश कलावट व राष्ट्रपति अवार्डी विकास गुर्जर के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

इस दौरान जिला कलेक्टर उमरदीन खान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र मीणा, सीओं सिटी लोकेंद्र दादरवाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र अग्रवाल, एसडीएम सुरेंद्र यादव, कोतवाली थानाधिकारी गोपाल सिंह ढाका, डॉ प्रताप सिंह दूतड़ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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