बच्चों को मोबाइल नहीं, भगवान की कथा सुनाएं : आचार्य कटारा

निसं
जयपुर (नवयत्न)। आदर्श नगर स्थित श्री राम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, नंदोत्सव, गोवर्धन लीला, छप्पन भोग और महारास के प्रसंग सुनाए गए। कथा व्यास आचार्य जैनेन्द्र कटारा ने कहा कि अभिभावक बच्चों को व्यस्त रखने के लिए मोबाइल देने के बजाय उन्हें भगवान की कथाएं सुनाएं। धार्मिक कथाओं से बच्चों में संस्कार विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं प्रेम-वात्सल्य, जबकि गोवर्धन लीला प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। नंदोत्सव प्रसंग पर कथा स्थल जयकारों से गूंज उठा। गोवर्धन लीला में भगवान द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण कर ब्रजवासियों की रक्षा करने का वर्णन किया गया। इसके बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया। महारास को जीव और परमात्मा के बीच भक्ति व समर्पण का प्रतीक बताया। कथा के दौरान केशव बेदी, रवि सचदेवा और राजीव मनचंदा ने भगवान की आरती की। महामंत्री अनिल खुराना ने बताया कि कथा 28 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक चल रही है। बुधवार को ठाकुरजी विवाह, सुदामा चरित्र और सुभद्रा-अर्जुन विवाह के प्रसंग सुनाए जाएंगे।

You might also like