महिला अधिकारिता सुपरवाइजर भर्ती मामला : ओएमआर शीट में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरफ्तार
निसं
जयपुर (नवयत्न)। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की सुपरवाइजर महिला अधिकारिता सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के परिणाम में ओएमआर शीट की स्कैनिंग में कथित धांधली कर अंक बढ़ाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमोद मीना निवासी चाकसू, जयपुर और मनराज मीना निवासी निवाई, टोंक के रूप में हुई है। दोनों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार जांच में सामने आया कि कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट की स्कैनिंग और परिणाम तैयार करने का काम करने वाली कंपनी राभव लिमिटेड के कर्मचारियों और बोर्ड के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से ओएमआर में कूटरचना की गई। एसओजी के मुताबिक कमोद मीना की मूल ओएमआर शीट की स्कैनिंग में 35.85 अंक आए थे। आरोप है कि स्कैनिंग कंपनी के कर्मचारियों से मिलीभगत कर अंकों में बदलाव करते हुए इन्हें 183.85 अंक कर दिया गया, जिसके बाद वह चयन सूची में शामिल हो गई।
जांच के अनुसार कर्मचारी चयन बोर्ड के तत्कालीन प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल ने परिचित अभ्यर्थियों को चयनित कराने के लिए स्कैनिंग कंपनी के कर्मचारियों विनोद कुमार गौड़ और शादान खान के साथ मिलकर ओएमआर में कूटरचना की। इसके बदले लाखों रुपए लेने का भी आरोप है। एसओजी इस मामले में पूर्व में तत्कालीन एनालिस्ट कम प्रोग्रामर उप निदेशक संजय माथुर, प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल, अभ्यर्थी पूनम माथुर, संतोष कुमारी मीना और मीराबाई मीना सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब कमोद मीना और मनराज मीना से रिमांड के दौरान फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों और इससे जुड़े तथ्यों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।