पंचायत चुनाव में हरियाणा से शराब तस्करी बढ़ने की आशंका, कच्चे रास्तों पर निगरानी की चुनौती

अशोक राईका
झुंझुनूं (नवयत्न)। पंचायत राज चुनाव के दौरान जिले में अवैध शराब की आवाजाही को लेकर निगरानी बढ़ गई है। हरियाणा सीमा से सटे इलाकों में चुनाव के समय शराब की तस्करी बढ़ने की आशंका रहती है। दोनों राज्यों में शराब की कीमतों में अंतर होने से तस्करों को मुनाफे की गुंजाइश मिलती है। ऐसे में हरियाणा से लगते सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब की सप्लाई रोकना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि, पुलिस ने चुनाव के मद्देनजर नाकाबंदी बढ़ाने के साथ वाहनों की जांच भी तेज कर दी है। पुलिस ने अवैध शराब की आवाजाही रोकने के लिए नाकाबंदी बढ़ाई है और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। वहीं, मुख्य सड़कों पर सख्ती के चलते तस्करों के कच्चे रास्तों से आवाजाही करने की आशंका पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
हरियाणा सीमा से जुड़े हैं कई इलाके
जिले के बुहाना, पचेरी कलां, सिंघाना, सूरजगढ़ और पिलानी क्षेत्र हरियाणा सीमा से जुड़े हैं। इन इलाकों में हरियाणा से आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखना जरूरी है। मुख्य सड़कों पर पुलिस की जांच के चलते तस्करों के कच्चे रास्तों का इस्तेमाल करने की आशंका भी रहती है। सीमावर्ती गांवों से निकलने वाले ऐसे रास्तों पर निगरानी करना पुलिस के लिए आसान नहीं है। चुनाव के दौरान शराब का इस्तेमाल मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किए जाने की आशंका भी निगरानी की जरूरत बढ़ाती है।
सीमा पर नाके, वाहनों की जांच पर जोर
पंचायत चुनाव को देखते हुए पुलिस ने चौकियों के अलावा विभिन्न स्थानों पर विशेष नाके लगाए हैं। संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है और अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हरियाणा सीमा से आने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाने के साथ पुलिस की कोशिश है कि अवैध शराब की आवाजाही पर अंकुश लगाया जा सके। हालांकि, सीमा से सटे गांवों के कच्चे रास्तों पर भी प्रभावी निगरानी रखना जरूरी होगा।
कीमतों का अंतर तस्करी की वजह
हरियाणा और राजस्थान में शराब की कीमतों में अंतर होने से अवैध रूप से शराब लाकर बेचने में मुनाफे की संभावना रहती है। चुनाव के दौरान मांग बढ़ने की आशंका के चलते सीमावर्ती क्षेत्रों में इस गतिविधि पर नजर रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में पुलिस की नाकाबंदी और जांच के साथ सीमावर्ती रास्तों पर सतर्कता भी अहम है।
चुनौती
मुख्य रास्तों पर सख्ती के साथ कच्चे रास्तों से होने वाली संभावित आवाजाही पर नजर रखना जरूरी है, ताकि चुनाव के दौरान अवैध शराब की सप्लाई और इसके जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की आशंका पर अंकुश लगाया जा सके।

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