कांग्रेस सरकार के विरुद्ध बेरोजगारों ने ट्वीटर पर खोला मोर्चा
‘बेराजगारों की अब तो सुनो पुकार’ अभियान
चूरू,(पीयूष शर्मा)21 मई। गत सात वर्षों से वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2013 परीक्षा के तहत नियुक्ति का इंतजार कर रहे बेरोजगार युवाओं ने ‘बेरोजगारों की अब तो सुनो पुकार’ नामक ट्वीटर अकाउंट के माध्यम से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
गौरतलब है कि मुख्य रूप से वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2013 के 583 अभ्यर्थी गत सात सालों से इस भर्ती की नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में चूरू जिले के अभ्यर्थियों ने राज्यभर के बेरोजगार अभ्यर्थियों को साथ लेकर ट्विटर ट्रेड चला रखा है। इसके तहत कृष्ण ईसराण, ओमप्रकाश सालासर, मुकेश बेनीवाल राजगढ़, वीरेंद्रसिंह ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2013 में नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षामंत्री गोविंदसिंह डोटासरा को ट्वीट किया है।
इन्होंने भी दिया युवाओं के अभियान को समर्थन
युवाओं के इस अभियान को अब तक राजस्थान एलीमेंट्री व सैकेण्डरी टीचर एसोसिएशन के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद, राजस्थान बेरोजगार संघ के अध्यक्ष उपेन यादव भी समर्थन दे चुके हैं।
पिछली कांग्रेस सरकार में निकली थी शिक्षक भर्ती
पिछली कांग्रेस सरकार में 2013 में निकाली गई उक्त शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम 2014 में जारी हुआ था। उस समय कुछ प्रश्नों को लेकर अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में राजस्थान लोक सेवा आयोग के विरुद्व याचिका दायर की थी। जिसमें अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला आया। बाद में राजस्थान लोक सेवा आयोग उच्चतम न्यायालय के दरवाजे पर गया। मगर वहां पर भी फैसला अभ्यर्थियों के पक्ष में हुआ। मार्च-अप्रेल 2019 में सभी विषयों का परिणाम उच्चतम न्यायालय के आदेश पर जारी किया गया। राजस्थान लोक सेवा आयोंग द्वारा सभी अभ्यर्थियों के डोक्योमेंट को सत्यापन कर शिक्षा निदेशालय बीकानेर भेज दिए गए। एक हुए साल से अधिक समय बीत चुका लेकिन अभी तक राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति नहीं दी गई है।
अभ्यर्थी मिल चुके गहलोत व डोटासरा से
लंबे समय से अटकी नियुक्तियां देने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व शिक्षामंत्री गोविंदसिंह डोटासरा सहित अन्य मंत्रियों से मिलकर उन्हें अपनी पीड़ा से अवगत करवा चुका है। मगर अब तक कोई नतीजा नहीं निकलने से वे परेशान हैं।
निदेशालय के आगे 110 दिन दे चुके धरना
सरकार के मंत्रियों से मुलाकात के बावजूद नियुक्ति नहीं होने से परेशान बेरोजगार युवा दो दिसंबर 2019 से 19 मार्च 2020 तक लगातार 110 दिन धरना दे चुके हैं। जो कोरोना महामारी की वजह से स्थगित कर दिया गया।