पदोन्नति के लिए संख्यात्मक अनुपात लागू करने की मांग

राजस्थान शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन

चूरू,(पीयूष शर्मा)29 मई। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य मंत्री अशोक गहलोत व शिक्षामंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर प्रधानाचार्य (उमावि) पद पर पदोन्नति में संख्यात्मक अनुपात (92:08) लागू करने की मांग की।

संगठन के प्रदेश महामंत्री मोहम्मद आरिफ खान के मुताबिक ज्ञापन में लिखा गया कि वर्तमान में प्रधानाचार्य (उमावि) के करीब 12 हजार पद रिक्त हैं। जिन पर प्राध्यापक, प्रधानाध्यापक (मा.शि.) 67:33 के अनुपात में नियुक्ति की जाती है। उक्त प्रावधान लागू करने के समय राज्य में प्राध्यापकों की संख्या 23 हजार व प्रधानाध्यापकों की संख्या नौ हजार थी। लेकिन वर्तमान में प्राध्यापकों की संख्या बढक़र 54 हजार व प्रधानाध्यापकों की संख्या मात्र तीन हजार 500 हो गई है। ऐसे में पदोन्नति के लिए 67:33 का अनुपात न्याय संगत नहीं है।

प्राध्यापक व प्रधानाध्यापक दोनों समकक्ष पद हैं तथा गु्रप एफ में आते हैं। दोनों ही पदों पर भर्ती 50 प्रतिशत सीधी व 50 प्रतिशत वरिष्ठ अध्यापक पद से पदोन्नति से होती है। दोनों की अगली पदोन्नति प्रधानाचार्य पद पर होती है। वर्तमान पदों की संख्या के अनुसार पूर्ववर्ती अनुपात लागू कर पदोन्नति करना 54 हजार प्राध्यापकों के साथ अन्याय होगा। इसलिए उक्त पद पर पदोन्नति के लिए प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) व.प्र.अ. (मा.शि.) के वर्तमान सृजित पदों के आधार पर संख्यात्मक अनुपात 92:08 लागू कर नियमों में संशोधन किया जाए। ज्ञापन पर संघ के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा ने भी हस्ताक्षर किए।

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