शादी समारोह बने ‘खतरे का मैदान’ : लापरवाही का खुला खेल !
नीलेश मुद्गल
झुंझुनूं (नवयत्न) । शहर में बढ़ते शादी समारोहों के बीच एक खतरनाक सच्चाई सामने आ रही है—विवाह स्थल और केटरिंग व्यवस्थाएं पूरी तरह से लापरवाही, अव्यवस्था और नियमों की धज्जियां उड़ाने का अड्डा बन चुकी हैं। हालात इतने चिंताजनक हैं कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन अब तक मूकदर्शक बना हुआ है।
बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा ‘इवेंट इंडस्ट्री’ का काला कारोबार
शहर में दर्जनों विवाह स्थल और केटरिंग संचालक बिना वैध रजिस्ट्रेशन और निर्धारित मानकों के काम कर रहे हैं।
न अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम, न सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध—सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है।
यह सीधा-सीधा सवाल खड़ा करता है—
क्या प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार है?
केटरिंग में अव्यवस्था की हद: नशे में कर्मचारी, बिना अनुभव के स्टाफ
स्थिति और भी भयावह तब हो जाती है जब केटरिंग व्यवस्था पर नजर डालते हैं। कार्यक्रमों में काम करने वाले कर्मचारी— कोई शराब के नशे में धुत नजर आता है , कोई गुटखा चबाते हुए खाना परोस रहा है , अधिकांश को कोई प्रशिक्षण या अनुभव तक नहीं I ऐसे में साफ है कि यह सिर्फ खानापूर्ति नहीं, बल्कि लोगों की सेहत और सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है।
खानपान में भी ‘जहरीली लापरवाही’ का खतरा
बिना स्वच्छता मानकों के तैयार हो रहा खाना, खुले में रखी सामग्री, और बिना जांच के परोसा जा रहा भोजन—यह सब किसी फूड पॉइजनिंग या गंभीर बीमारी को न्योता देने जैसा है। क्या शादी की खुशियां किसी अस्पताल के बिस्तर में बदलने का इंतजार कर रही हैं?
प्रशासन की चुप्पी: सवालों के घेरे में जिम्मेदार अधिकारी इतनी गंभीर अनियमितताओं के बावजूद जिला प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है। न कोई नियमित निरीक्षण, न सख्त कार्रवाई—ऐसा लगता है जैसे सब कुछ ‘सेटिंग’ के भरोसे चल रहा है।
जनहित में चेतावनी: अब भी नहीं जागे तो देर हो जाएगी
यह समय चेतावनी का है—
अगर अब भी विवाह स्थलों और केटरिंग सेवाओं की जांच, रजिस्ट्रेशन और मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो कोई भी बड़ा हादसा पूरे सिस्टम की पोल खोल सकता है।
व्यवस्था नहीं सुधरी तो जिम्मेदारी किसकी?
शादी जैसे पवित्र और खुशी के अवसर अगर अव्यवस्था और खतरे का प्रतीक बन जाएं, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं—बल्कि प्रशासनिक विफलता है। अब देखना यह है कि प्रशासन कार्रवाई करता है या फिर किसी दुर्घटना के बाद सिर्फ औपचारिकता निभाई जाएगी।