बीएसटीसी भर्ती फर्जीवाड़ा: डमी कैंडिडेट बैठाने वाले 12 वांटेड आरोपी गिरफ्तार
डी के सैनी
जयपुर (नवयत्न ) । स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बीएसटीसी (प्री. डीएलएड) भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 साल से फरार 12 वांटेड आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा दिलवाने के नेटवर्क से जुड़े थे।
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2019-20 में बीकानेर से आयोजित बीएसटीसी (प्री. डीएलएड) परीक्षा में धांधली सामने आई थी। फरवरी 2021 में पाली जिले के रोहट थाना पुलिस ने अशोक सारण पुत्र केसाराम विश्नोई को संदिग्ध रूप से पकड़ा था। तलाशी के दौरान उसके पास मुख्य अभ्यर्थियों की जगह रुपए लेकर डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलवाने से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए थे।
एसओजी द्वारा अशोक सारण से पूछताछ के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि अभ्यर्थियों ने पैसे देकर अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाए थे। शिक्षा विभाग से प्राप्त दस्तावेजों और एफएसएल जांच में हस्ताक्षर व लिखावट मेल नहीं खाने पर फर्जीवाड़ा प्रमाणित हुआ।
डीआईजी परिस देशमुख के निर्देश पर एसआई भर्ती परीक्षा-2025 के दौरान नकल रोकथाम और वांटेड आरोपियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसी दौरान परीक्षा देने पहुंचे आरोपियों को चिन्हित कर एसओजी टीमों ने कार्रवाई की।
एसओजी ने उदयपुर से 11 और भरतपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में जगदीश गमार (27), जीवतराम मोडिया (23), लक्ष्मी कुमारी (30), मन्नालाल (26), मुकेश गमार (25), लोकेश कुमार (24), प्रेम कुमारी (25), राहुल बोडात (26), संजय कुमार डामोर (27), विक्रम कुमार (25), विशाल कुमार बोडात (29) सभी निवासी उदयपुर क्षेत्र तथा रवींद्र सिंह मुसावत (28) निवासी वैर (भरतपुर) शामिल हैं।
एसओजी के अनुसार, आरोपी एसआई भर्ती परीक्षा-2025 देने के लिए पहुंचे थे, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और फर्जीवाड़े से जुड़े नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है।