आसींद में प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सुंडा का अभिनंदन, किया अजमेर संभाग के प्रधानों को संबोधित
बनवारी कुमावत
जयपुर (दैनिक नवयत्न)। राजस्थान प्रधान संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सुंडा ने कहा है कि करीब ढाई—तीन दशक पहले पंचायतराज की स्थापना की गई थी। लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद सभी व्यवस्थाओं में बदलाव और मजबूती आई है। लेकिन पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों को आज भी बिना संसाधनों और सुविधाओं के काम करना पड़ रहा है। जो सही नहीं है। सुंडा रविवार को भीलवाड़ा जिले के आसींद में अजमेर संभाग की प्रधान संघ की बैठक में बोल रहे थे। इस मौके पर सुंडा ने कहा कि प्रदेश में पहली बार प्रधान संघ का गठन कर हम ना केवल पंचायत समिति सदस्यों या फिर प्रधानों की। बल्कि पंच से लेकर प्रधान तक की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करेंगे। क्योंकि सरकार की योजनाओं को गांव—ढाणियों में बिना पंचायतराज जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने इस मौके पर सभी प्रधानों से आग्रह किया कि वे प्रधान संघ की मांगों को लेकर अपने स्थानीय विधायकों और मंत्रियों से मिले। ताकि हम सरकार पर दबाव बनाने की स्थिति में आ सके। इस मौके पर सुंडा ने कहा कि जल्द ही प्रदेश के हर जिले में प्रधान संघ की कार्यकारिणी बनाने के साथ—साथ प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। फिलहाल हम सकराम प्रधान के संरक्षण में काम कर रहे है। इससे पहले जयपुर से रवाना होने पर दिनेश सुंडा का जयपुर से आसींद भीलवाड़ा तक कई जगहों पर स्वागत किया गया। इस मौके पर किशनगढ़, नसीराबाद, विजयनगर, गुलाबपुरा आदि जगहों पर प्रधानों ने स्वागत किया और सुंडा के साथ काफिले के जरिए आसींद पहुंचे। यहां पर अजमेर संभाग के प्रधानों व पंचायतराज जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया व अपने—अपने विचार रखे। इस मौके पर प्रधान संघ के प्रदेश संरक्षक सकराम चोपड़ा, प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सुंडा, अराईं अजमेर प्रधान शैतान चौधरी, हुरड़ा भीलवाड़ा प्रधान कृष्णसिंह, बदनोर भीलवाड़ा प्रधान महेंद्रसिंह, आसींद भीलवाड़ा प्रधान सीतादेवी खटीक, खरेड़ा भीलवाड़ा प्रधान राजेंद्र, रामपुर भीलवाड़ा प्रधान शिवराजसिंह, बनेड़ा भीलवाड़ा प्रधान शिवसिंह, कोटड़ी भीलवाड़ा प्रधान करणसिंह, मांडल भीलवाड़ा प्रधान शंकरलाल कुमावत, सांवर जाट मोतीपुर, विष्णु पारीक, निंबाराम अध्यक्ष सरपंच संघ, ताराचंद, हंसराज पालड़ी, चांदमल दौलतगढ़, गोपाल महाराज, विकास सवाई माधोपुर, धर्मीचंद्र, हरिश तिवाड़ी, गोवर्धन गुर्जर, राजू डीडवानिया, सुभाष, हेमराज छापरवाल, प्रभुलाल, मदन भंडारी, नारायण व ज्वार मील आदि मौजूद थे।





















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