दस लाख की नकबजनी करने वाला एक साल से फरार आरोपी गिरफ्तार

निसं
जयपुर (नवयत्न)। मुहाना थाना पुलिस ने करीब एक साल पहले वाइन शॉप कार्यालय में हुई करीब दस लाख रुपए की दिनदहाड़े नकबजनी का खुलासा करते हुए फरार आरोपी मुन्नालाल 56 को उत्तर प्रदेश के हाथरस से गिरफ्तार किया है। आरोपी वारदात के बाद चोरी के माल से भरा बैग लेकर फरार हो गया था, और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस अब उससे चोरी की नकदी और अन्य सामान की बरामदगी को लेकर पूछताछ कर रही है। डीसीपी जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि मुन्नालाल निवासी हाथरस गेट जिला हाथरस उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में शेखावाटी वाइन्स मोहब्बतपुरा मैनेजर गुरुबख्श निवासी पानीपत हरियाणा हाल पार्श्वनाथ सिटी मुहाना ने 30 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने 29 अगस्त को वाइन शॉप का कलेक्शन कार्यालय में रखा था। 30 अगस्त को सुबह करीब 8 बजे वह कार्यालय से चला गया और दोपहर करीब 12 बजे वापस लौटा तो ताले टूटे मिले तथा सामान बिखरा था। जांच में कार्यालय से करीब 7 लाख रुपए नकद, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज गायब मिले। पुलिस ने करीब 10 लाख रुपए की नकबजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विशेष टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया। जांच में हाथरस के बदमाश अमित, नरेंद्र उर्फ हेकड़ा और केपी उर्फ कुंवरपाल की भूमिका सामने आई। पुलिस इन तीनों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार केपी हाथरस गेट थाने का हिस्ट्रीशीटर है, और उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। नरेंद्र उर्फ हेकड़ा हत्या के मामले में सजा काट चुका है, और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट व मारपीट सहित करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। अमित के खिलाफ भी मारपीट के मामले बताए गए हैं। मुहाना थानाधिकारी मुकेश कुमार खारड़िया ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक दबिश के दौरान अमित का पिता मुन्नालाल और उसके अन्य साथी चोरी की नकदी व माल से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गए थे। इसके बाद मुन्नालाल लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। तकनीकी निगरानी और लगातार दबिश के बाद विशेष टीम ने उसे हाथरस में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।पुलिस आरोपी से पूछताछ कर चोरी के माल और नकदी की बरामदगी के प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई में तकनीकी शाखा जयपुर दक्षिण के हेड कांस्टेबल लोकेश व रामसिंह ने सहयोग किया। कांस्टेबल ओमप्रकाश डोबर और कांस्टेबल दामोदर सारण की कार्रवाई में विशेष भूमिका रही।

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