देशभक्ति की मिसाल: शहीद बेटे के बलिदान पर गर्व, नक्सलवाद के खात्मे से परिवार को मिली सुकून की सांस

 विनोद स्वामी

मुकुन्दगढ़! (नवयत्न ) । मुकुन्दगढ क्षेत्र के फतेहसरी के सीआरपीएफ बटालियन के सहायक कमाण्डेड शहीद राजेश कपूरिया ने छत्तीसगढ के सुकमा जिले के चिंतागुफा इलाके में नक्सलवादियों के हमले से शहीद हुए एक दिसबंर 2014 को शहीद हुए थे। नक्सलवादियों के कमाण्डर हिडमा के मारे जाने के शहीद राजेश कपूरिया के परिवारजनों को लगी तो उन्होनें बताया कि अब नक्सलवादियों के आंतक से वहां के निवास करने वाले लोग आराम से जी सकेंगें। उस इलाके में शांति एवं अमन चैन का माहौल बना हुआ है। छत्तीसगढ में नक्सलवादियों के खात्में के बाद शहीद राजेश कपूरिया के पिता बिरजू सिंह कपूरिया बताते है कि 12 साल पहले छत्तसीगढ इलाके में ही बेटा शहीद हुआ था। राजेश ही नही बल्कि पूरे देष में कितने जवान शहीद हुए है। 12 साल बाद छत्तीसगढ नक्सलवादियों के खात्में से उस क्षेत्र में शांति का माहौल है। वे खुद बताते है कि उनका बेटा देष के प्रति बलिदान देकर गया है। आज नक्सलवादियों का खात्में से उनमें खुषी देखने को मिली। शहीद की माँ परमेष्वरी देवी ने बताया कि बेटे का नाम सुनते ही उनकी आंखों में आंसु आ गए। शहीद की माँ ने बताया कि छत्तीसगढ नक्सलवादियों के खात्में से उस इलाकें में कोई भी ऐसी घटना घटित नही होगी अब किसी भी माँ का बेटा शहीद नही होगा। बेटे के शहीद होने पर माँ रामप्यारी के आंखों में आंसू एवं गर्व भी महसूस कर रही है। शहीद राजेश कपूरिया एक सितम्बर उन्न्सी सौ सत्तर को गांव फतेहसरी में परमेष्वरी देवी एवं बिरजू सिंह के घर जन्में थे। शहीद की पत्नी सुमन देवी व दो बेटी एवं एक बेटा है जो कि पढाई के सिलसिले से अजमेर में निवास करते है।

राजेश कपूरिया वर्ष 2014 में हुए थे शहीद।
एक दिसबंर 2014 को छत्तीसगढ के सुकमा जिले में नक्सलवादियों ने सीआरपीएफ के दस्ते पर हमला कर दिया था। हमले के दौरान असिस्टेंट कमाण्डेड डीएम वर्मा एवं डिप्टी कमांडेट राजेश कपूरिया सहित 13 जवान शहीद हो गए थे 15 अन्य जवान घायल हुए थे। सीआरपीएफ का एक दस्ता सुरक्षाकर्मियों के साथ एरिया डोमिनेषन के लिए निकला था। कसलवाड के जंगलों से होकर 120 जवानें की टुकडी लौट रही तो पेडों पर घात लगाकर बैठे नक्सलवादियों हमला कर दिया था।

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