शिक्षा मंत्री के साथ हुई वीसी में उठाया असंगत मंडल आवंटन का मुद्दा
जयपुर, 7 मई। गुरूवार को शिक्षक संगठनों की शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के साथ हुयी वीसी में रेस्टा ने उठाया द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2016 के असंगत मंडल आवंटन का मुद्दा। जिसमें शिक्षा मंत्री को रेस्टा प्रदेशाध्यक्ष भैरूराम चौधरी ने बताया कि शिक्षक भर्ती 2016 के अधिकांश मंडल आवंटन सितंबर 2018 के महीने में हुए थे। उस समय पूर्व सरकार द्वारा विधानसभा 2018 की लगने वाली आचार संहिता के कारण शीघ्रातिशीघ्र में नियुक्ति प्रक्रिया करवाना एवं उसी समय मंत्रालयिक कर्मचारियों का पूर्व सरकार से अपनी मांगों के लिए हड़ताल व धरने पर जाना आदि कारणों से मंडल आवंटन में हुई लापरवाही के कारण से आरपीएससी की वरीयता सूची में उच्चतम स्थान प्राप्त करने के पश्चात भी काफी अभ्यर्थियों को उनका गृह मंडल नहीं मिल पाया। जिसके कारण अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की, तब सभी याचिकाओं का निस्तारण करते हुए 2 अप्रैल 2019 को एकल पीठ ने सभी पीडि़त अभ्यर्थियों को उनका गृह मंडल आवंटित करने के आदेश दिए, जिसके विरुद्ध शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार ने डबल बेंच में अपील की, जिसे मुख्य न्यायाधीश एसआर भट्ट व न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह की संयुक्त पीठ ने खारिज करते हुए पीडि़त अभ्यर्थियों को उनका गृह मंडल आवंटित करने का 29 अगस्त 2019 को आदेश जारी किया।
न्यायालय द्वारा दिए संयुक्त पीठ के आदेश में दी गई समय सीमा पूर्ण होने पर सरकार द्वारा लगाई पुनर्याचिका भी खारिज होने पर भी शिक्षा विभाग द्वारा मंडल आवंटन की कोई प्रक्रिया नहीं होने पर अभ्यर्थियों के द्वारा अवमानना याचिकाएं दायर की जा रही है।
उक्त आदेश को जारी हुए लगभग 8 माह होने के पश्चात भी शिक्षा विभाग की ओर से उक्त आदेश की पालना में कोई भी मण्डल आवंटन प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है।
इसका जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में है इस पुरी प्रकिया की समीक्षा कर शीघ्र ही उचित निर्णय लिया जाएगा।
साथ ही प्रदेशाध्यक्ष के द्वारा वरिष्ठ अध्यापक शिक्षक भर्ती-2018 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति का प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि जून-जुलाई में विद्यालय खुलने से पहले ही नियुक्ति दे दी जाएगी।