कोरोना को हराने की खातिर: घांघू के सामाजिक कार्यकर्ता बीरबल 51 दिन से उपवास पर
उपवास का मूल उद्देश्य खाद्यान्न की बचत और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना
चूरू,(पीयूष शर्मा)13 मई। विश्व में व्याप्त कोरोना महामारी संकट के बीच खाद्यान की बचत व सकारात्मक ऊर्जा संचार के लिए गांव घांघू के सामाजिक कार्यकर्ता बीरबल नोखवाल की ओर से शुरू किया गया उपवास बुधवार को 51 वें दिन भी जारी रहा।
गौरतलब है कि वर्तमान में विश्व में कोरोना संकट छाया हुआ है। देशवासी 25 मार्च से लोकडाउन हैं। कोरोना को हराने के लिए देशसेवक, शासन, प्रशासन, पुलिस, चिकित्सक, स्वयंसेवी संस्थाएं व दानदाता हर संभव प्रयास कर रहे हैं। ऐसी ही शख्सियत सामाजिक कार्यकर्ता बीरबल नोखवाल गत 25 मार्च को लोकडाउन की शुरुआत से ही निरंतर उपवास रख रहे हैं। नोखवाल उपवास के दौरान एक समय साधारण भोजन करते हैं। शाम को थोड़ा सा दूध पीते हैं। बाकी समय जीणमाता व हनुमानजी से विश्व को कोरोना मुक्त करने की प्रार्थना करते हैं। नोखवाल बताते हैं कि उपवास का मूल उद्देश्य देश में खाद्यान्न की बचत करना व संकट के समय में कम से कम संसाधन में काम चलाना है। नोखवाल का कहना है कि देश में खाद्यान्न की कमी नहीं है। मगर देश में इस प्रकार की महामारी और संकट के समय में देश के नागरिकों का यह फर्ज बनता है कि वो कम से कम संसाधनों में काम चलाए। किसी जरूरतमंद व्यक्ति, पशु या गोशालाओं में गायों की मदद करे।
कलक्टर के अभियान से प्रेरित हो छोड़ी आलू-कैरी की सब्जी
चूरू कलक्टर संदेश नायक के अभियान ‘गिव अप समथिंग’ से प्रेरित नोखवाल ने लोकडाउन के दौरान अपनी मनपसंद सब्जी आलू और कैरी भी छोड़ दी है। हम सभी देशवासी अपनी जरूरतें कुछ कम करके जरूरतमंद लोगों की मदद करेंगे और शासन व प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करेंगे तो निश्चित ही जल्द ही हमारा देश कोरोना महामारी से मुक्त हो जाएगा।