नगर पालिका में भाजपा-कांग्रेस बराबर, निर्दलीय बनेंगे किंगमेकर

ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न)। राजलदेसर नगर पालिका चुनाव की मतगणना पूरी होने के साथ ही सभी 35 वार्डों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। चुनाव परिणामों में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल 14-14 वार्डों में जीत दर्ज कर बराबरी पर रहे। वहीं 5 निर्दलीय प्रत्याशियों और आरएलपी के 2 प्रत्याशियों ने भी जीत हासिल की। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद नगर पालिका में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। 35 सदस्यीय नगर पालिका में बोर्ड बनाने के लिए 18 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बहुमत के आंकड़े से चार सीट दूर हैं। अब नगर पालिका बोर्ड के गठन में निर्दलीय पार्षदों के साथ आरएलपी के दो विजयी पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। भाजपा ने कुल 14 वार्डों में जीत हासिल की। पार्टी के प्रत्याशी वार्ड नंबर 1, 6, 7, 9, 10, 11, 14, 15, 16, 19, 20, 26, 33 और 35 में विजयी रहे। परिणामों के अनुसार भाजपा ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए कांग्रेस के बराबर सीटें हासिल की हैं। कांग्रेस ने भी भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए 14 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशियों ने वार्ड नंबर 2, 3, 5, 13, 17, 18, 22, 23, 24, 27, 28, 30, 31 और 34 में जीत हासिल की। इस तरह कांग्रेस भी 14 सीटों के साथ भाजपा के बराबर खड़ी है। चुनाव परिणामों में निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा। वार्ड नंबर 8 से शारदा देवी, वार्ड 12 से संतोष देवी, वार्ड 21 से प्रकाश खटीक, वार्ड 25 से चुकी देवी मेघवाल और वार्ड 32 से जयचंद महावर ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। इन पांच निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अब बोर्ड गठन में निर्णायक हो सकती है। दोनों प्रमुख दलों के बीच बराबरी का गणित होने के कारण निर्दलीयों के समर्थन के बिना बहुमत हासिल करना संभव नहीं है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी दो वार्डों में जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 4 से दीनदयाल स्वामी और वार्ड नंबर 29 से सज्जाद मोहम्मद विजयी रहे। ऐसे में दोनों पार्षद भी बोर्ड गठन के समीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 35 सदस्यीय नगर पालिका में बहुमत के लिए 18 सीटों की जरूरत है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास 14-14 सीटें हैं। ऐसे में दोनों दल बहुमत से चार सीट दूर हैं। वहीं निर्दलीयों के पास 5 और आरएलपी के पास 2 सीटें हैं। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बोर्ड गठन के लिए कौन सा दल निर्दलीय पार्षदों और आरएलपी के पार्षदों का समर्थन हासिल करने में सफल होता है। चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया है कि इस बार नगर पालिका की सत्ता की राह आसान नहीं रहने वाली है। राजलदेसर नगर पालिका की राजनीति में निर्दलीय पार्षद एक बार फिर महत्वपूर्ण भूमिका में आ गए हैं। भाजपा और कांग्रेस के बराबर सीटों पर रहने से बोर्ड गठन की चाबी निर्दलीयों के हाथ में पहुंच गई है। दोनों दलों की नजर अब निर्दलीय पार्षदों पर रहेगी। चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक गलियारों में बोर्ड गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में समर्थन और समीकरणों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि निर्दलीय पार्षद किस दल के साथ जाते हैं और राजलदेसर नगर पालिका में अगला बोर्ड किस राजनीतिक दल का बनता है। फिलहाल 35 वार्डों के परिणामों ने इतना जरूर तय कर दिया है कि राजलदेसर नगर पालिका में इस बार सत्ता की चाबी भाजपा या कांग्रेस में से किसी एक के पास सीधे तौर पर नहीं है, बल्कि निर्दलीय और निर्णायक पार्षदों के हाथ में है।

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