बुद्ध ने दिया था अहिंसा का मार्ग
बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं
झुंझुनूं,(जय जांगिड़)7 मई। लाम्बा कोचिंग परिसर झुंझुनूं में बुद्ध पूर्णिमा के महान्तम उत्सव पर महात्मा बुद्ध के प्रति श्रद्वासुमन अर्पित करते हुए और शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए लाम्बा कोचिंग झुझुंनूं के निदेशक शुभकरण लाम्बा व साहित्यकार पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी लियाकत अली खां ने अपने संदेश में कहा कि महात्मा बुद्ध के अष्टांग मार्ग पर चल कर मानवता का भला हो सकता है। यही कारण है कि उनके करूणा के संदेश से प्रेरित होकर कोरोना वारियर्स कोरोना महामारी को हरा रहे हैं। ये वारियर्स का करूणा भाव ही है जो कि जिले को करोनामुक्त कर रहा है। इतिहास का जिक्र करते हुए खां ने बताया कि ये बुद्ध का करूणा भाव ही था जिससे सम्राट अशोक बदल गया और उन्होंने सदा-सदा के लिए युद्वों पर रोक लगादी और अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित हुआ। बुद्ध के करूणाभाव से प्रभावित होकर अगुंलीमार डाकु उनका शिष्य बन गया। लाम्बा ने अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा कि महात्मा बुद्ध का अहिंसा का संदेश आंतकवाद, हिंसा, भय, गैर बराबरी, जलवायु परिवर्तन आदि समस्याओं का निराकरण भी कर सकता है।
खान व लाम्बा ने संयुक्त रूप से सरकारों का आह्वान किया कि वे विद्यालयों, महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में बौद्ध दर्शन को शामिल करें जिससे विद्यार्थी उनकी शिक्षाओं को अपनाएं और लाभान्वित हो सके और सुयोग्य नागरिक बन सकें। उन्होंने खेद जताया कि भारत बुद्ध की जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनो हैं फिर भी बुद्ध को मानने वाले भारत के अन्दर केवल मु_िभर हैं जबकि भारत के बाहर अरबों की संख्या में। बुद्ध ने कर्मकाण्डों से बचने के लिए सावधान किया था लेकिन खेद का विषय है कि उनके मार्ग पर न चलकर लोग अंधविश्वासों में डुब गये। बुद्ध ने कहा था कि दया धर्म से, भले कर्म से यह धरती स्वर्ग बन सकती है और यहां मुक्ति मिल सकती है। बुद्ध पूर्णिमा पर महात्मा बुद्ध को कोटि-कोटि नमन। शुभकरण लाम्बा