कोरोना पर लिखना है तो शब्द ज़रा दूर दूर लिखें – इकराम राजस्थानी
फेसबुक ऑनलाइन सैशन में ख्यातनाम शायर डॉ इकराम राजस्थानी ने कोरोना को बांध दिया शायरी में
चूरू, (पीयूष शर्मा )3 मई। चूरू पुलिस के फेसबुक पेज पर फिल्मस्थान और सम्प्रीति संस्थान के सहयोग से आयोजित ऑनलाइन सैशन में रविवार को प्रसिद्ध गीतकार, कवि और कमेंटेटर डॉ. इकराम राजस्थानी बतौर अतिथि शामिल हुए। गौरतलब है उनका गीत चला चला रे ड्राईवर गाड़ी हौले हौले राजस्थान ही नहीं अपितु बॉलीवुड में भी काफी ख्याति बटोर चुका है। कोरोना काल में लॉकडाउन के साइड इफैक्ट से बचाने लिए चूरू पुलिस लगातार देश और राज्य के कलाकार, साहित्यकार, कवि, गायक और गुणीजनों का लाइव सैशन करवा रही है। इसी कड़ी में डॉ इकराम राजस्थानी रविवार को फेसबुक पर लाइव थे। इकराम राजस्थानी ने हिन्दी, उर्दू व राजस्थानी में कविताएं, शेर व गीत सुनाए। कविताओं और गीतों के बीच इकराम राजस्थानी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जन्मदिन की बधाइयां दी और मुख्यमंत्री के लिए भी एक रचना समर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने कोरोना वैश्विक महामारी संकट का जबरदस्त मैनेजमेंट करते हुए पूरे हिंदुस्तान को अपना मुरीद बना लिया है। डॉ. इकराम राजस्थानी ने प्रदेशवासियों को कोरोना से लड़ने का एक मंत्र अपने प्रसिद्ध गीत ‘इंजन की सिटी में …’ पिरोकर कुछ इस तरह से दिया ” कोराना की बीमारी सू डरना कौने, डरना कौने, थे ध्यान राखजौ सारा अय्या मरणा कौने, एक दूजै से दूरी राखो, साबुन से हाथ धोवेला, कोरोना से डरना कौने” एेसे ही उन्होंने हिन्दी में कोरोना पर गीत सुनाया कि ‘लॉकडाउन है अब घर में बैठो, वक्त बाहर बिताना नहीं है दूर से ही बातें करो सारी, दूर यूं गले से लगना नही है। हाथ भी अब मिलाना नहीं है, कोरोना को बढ़ाना नहीं है।’ चूरू की सरजमीं को नमन करते हुए डॉ. इकराम ने कहा कि चूरू की धरती सैनिकों, किसानों और साहित्यकारों की धरती है। खुद को हिन्दी, उर्दू और राजस्थानी जुबान की गंगा बताते हुए डॉ इकराम ने बतौर शायर रूमानी, विरह, वात्सलय और देशभक्ति से ओतप्रोत शायरी जुबां में बातें की और कहा कि कोरोना विश्व का एकमात्र युद्ध है जो घर के आंगन में बैठकर लड़ा जा रहा है । सामाजिक सद्भाव और भाईचारे पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बेशक कोरोना काल में दूरी रखनी है लेकिन दिलों में दूरी नहीं आनी चाहिए। यह संदेश देने के साथ ही एक बार फिर डॉ. इकराम ने कोरोना को शायरी में बांध दिया। उन्होंने कहा, ‘कोरोना बोला सोशल डिस्टेंस रखना है, लेकिन दिलों के बीच न डिफरेंस रखना है, लडेंगे घरों में बैठकर दिलों में यह कॉन्फिडेंस रखना है। डॉ इकराम राजस्थानी ने कहा कि कोरोना की कोई धर्म, जाति, ईमान या समुदाय नहीं है यह हमें याद रखना चाहिए, इसके साथ ही शायराना अंदाज में डॉ इकराम बोल उठे ‘कोरोना की तबाही का सफ़र ज़रूर लिख, बस शर्त है कि शब्द ज़रा दूर दूर लिख। डॉ इकराम राजस्थानी ने कुरान का राजस्थानी अनुवाद किया है और रवींद्रनाथ टैगोर की गीतांजलि का भी, उन्होंने दोनों के कुछ अंश भी पढ़कर सुनाए। फेसबुक लाइव सैशन के दौरान मुशायरे जैसा माहौल रचने वाले डॉ. इकराम राजस्थानी ने चूरू पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस तरह का अनूठा कार्यक्रम डिजाइन किया।