ई-संजीवनी ओपीडी सेवा: कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए शुरू हुई सुविधा

टोंक,(दिनेश शर्मा)28 मई। कोरोना काल में मरीज अब घर बैठे भी ऑनलाइन परामर्श व इलाज ले सकते हैं, इस निशुल्क सेवा का लाभ ई संजीवनी डॉट कॉम पोर्टल पर जाकर उठाया जा सकता है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा गत 4 मई को इस टेलीकंसल्टेसीं सेवा को प्रदेशवासियों को समर्पित किया था । आमजन की सुविधा के लिए अब इस सेवा को ऑनलाइन पंजीयन करके उपचार व परामर्श लिया जा सकता है।

सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि कोरोना के संकट में चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। लेकिन फिर भी जो लोग लॉक डाउन और कफ्र्यू का पालन करते हुए चिकित्सीय परामर्श चाहते हैं वे इस पोर्टल के जरिए घर बैठे निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। इससे अस्पतालों में मरीजों का लोड भी कम होगा और भीड़ कम होने से कोरोना के संक्रमण का खतरा भी कम होगा।

ई संजीवनी टेलीकंसल्टेशन कार्यक्रम में जिला अस्पताल के विशिष्ठ रोग डॉ. विनोद कुमार परवेरिया, डॉ. जितेंद्र कुमार छोलक, डॉ. जगदीश प्रसाद गुर्जर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञों में डॉ. प्रिया वाजपेयी, डॉ. बिंदु गुप्ता, डॉ.ममता गर्ग, डॉ. सुनीता राजौरा, डॉ .ज्ञानेंद्र बंसल, डॉ अनिता सैनी, डॉ. अंकिता अपनी सेवाएं दे रही है। इसी प्रकार जनरल मेडिसिन में डॉ. खेमराज बंशीवाल, डॉ .रामेश्वर बेरवा, डॉ. शिशिर हाडा, डॉ. बी.एल नामा, डॉ. रामअवतार गुप्ता एवं डॉ. एच. डी. ग्वालानी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा अब्दुल मतीन मेल नर्स एवं राजवीर सिंह राठौड़ स. इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

डिप्टी सीएमएचओं डॉ.महबुब खान ने बताया कि टोंक जिला चिकित्सालय में जिस तरह टेलीमेडिसिन की सुविधा थी उसी तर्ज पर यह सुविधा शुरू हुई है। हालांकि टेलीमेडिसिन में मरीजों को अस्पताल जाना पड़ता है, लेकिन ई-संजीवनी ओपीडी सेवा के लिए मरीज को अस्पताल आने की जरूरत नहीं है। वह अपने स्मार्टफोन, कंप्यूटर के जरिए ई-संजीवनी ओपीडी डॉट इन वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीयन करा सकेंगे।

इसके बाद उनके मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे डालकर पूरी जानकारी के साथ रोगी अपना पंजीयन करा सकेंगे। इसके बाद उन्हें टोकन नम्बर जारी होने के साथ लॉगिन करना होगा। लॉगइन ओपन होते ही चिकित्सालय में चिकित्सक ऑनलाइन शो हो जाएंगे। फिर वह रोगी अपना नंबर आने पर चिकित्सक से ऑडियो व वीडियो कॉल के जरिए बात कर अपने रोग के बारे में बता सकेंगे। इस पर चिकित्सक उन्हें परामर्श देंगे। साथ ही परामर्श पूरा होते ही चिकित्सक द्वारा रोगी की लॉगइन आईडी पर ई-प्रिसिकैप्सन भेजा जाएगा। जिसे रोगी डाउनलोड करके प्रिंट भी निकाल सकेंगे फिर समीप की दवा दुकान से दवा ले सकेंगे।

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