सुजानगढ़ (अमित प्रजापत)। यूक्रेन के शहर उजहरोड़ में फंसी एमबीबीएस फाइनल वर्ष की छात्रा सकुशल अपने ननिहाल सुजानगढ़ लौट आई है, जिससे उसके परिवार में खुशियों का माहौल है। सुजानगढ़ में अपने ननिहाल में ही रहने वाली श्यामसुंदर अग्रवाल की पुत्री मुस्कान ने बताया कि भारत में एमबीबीएस करने के लिए निजी स्तर पर करीब 1 करोड़ रूपये खर्च होते हैं।
यूक्रेन में 30 लाख तक में पढ़ाई कम्पलीट हो जाती है, जिसके कारण 2016 में वह यूक्रेन गई थी और वहां पर इस बार लास्ट वर्ष में पढ़ रही थी। मुस्कान अग्रवाल ने बताया कि दो-तीन माह में ही मेरी डिग्री कम्पलीट होने वाली थी, अब सबसे बड़ी चिंता हमारी पढ़ाई के कम्पलीट होने की है, जिस ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए।
मुस्कान अग्रवाल ने बताया कि यूक्रेन में हमारा शहर पश्चिमी क्षेत्र में था, जबकि ज्यादा युद्ध और क्रीटिकल स्थिति ईस्ट यूक्रेन अर्थात् खारकीव जैसे शहरों की ओर थी। जिसके कारण हमें निकलने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। ट्रेन से 28 फरवरी को सफर करके हंगरी पहुंचे, जहां से नि:शुल्क उन्हें इस्ताम्बुल के रास्ते भारत लाया गया। मुस्कान ने केंद्र सरकार का आभार जताया है।




















