सालासर बालाजी मंदिर को देवस्थान विभाग के अधीन लेने की मांग
अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न )। सालासर बालाजी मंदिर में हाल ही में मोबाईल से फोटो खींचने की बात को लेकर श्रद्धालुओं के साथ बाउंसर्स द्वारा की गई मारपीट का प्रकरण अब तूल पकड़ता जा रहा है। लोग मांग करने लगे हैं कि सरकार मंदिर को अपने अधीन लेकर इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाए और मंदिर में आने वाले समस्त चांदी, सोने और चढ़ावे के पैसे को जनहित में खर्च किया जावे। इस मामले को लेकर सुजानगढ़ के उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर अखिल भारतीय किसान सभा के सदस्यों ने सालासर मंदिर में वीआईपी दर्शनो के नाम पर जनता के साथ खुली लूट करने के आरोप लगाए। कॉमरेड रामनारायण रूलाणिया के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए लोगों ने हनुमान सेवा समिति को भंग करने और मंदिर को देवस्थान विभाग में शामिल करने के नारे लगाए। साथ ही मंदिर परिसर में गुंडागर्दी को बंद करने, श्रद्धालुओं को धमकाना बंद करने, मारपीट करने वाले बाउंसर्स को जेल में डाले जाने, मंदिर में आने वाले समस्त प्रकार के सोने, चांदी, चढ़ावे और नगदी के हिसाब को प्रत्येक साल जनता के समक्ष सार्वजनिक कर इसे जनहित में खर्च किए जाने की मांगे भी उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते वक्त की गई। सीएम भजनलाल शर्मा के नाम सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि आम जनता के साथ सालासर में वर्ग विशेष के लोग अत्याचार करते हैं और ये लोग दोनो पार्टियों में अपनी राजनीति करते हुए आम जनता की आवाज को दबाते हुए मनमर्जी कर जनता से वीआईपी दर्शन के नाम पर बड़े रूपए एंठते हैं। जबकि मंदिर परिसर में इन्हें सरकार और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा लगवानी चाहिए थी। ज्ञापन सौंपते वक्त एडवोकेट बनवारीलाल बिजारणिया ने बताया कि कोई श्रद्धालु अपने साथ हुए अन्याय का प्रतिकार करता है, तो उसे एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे की धमकी देकर उससे माफी मंगवाई जाती है। आखिर कब तक लोग दबाव में आकर मार खाते रहेंगे और माफी मांगते रहेंगे। ज्ञापन में बताया गया है कि मांगों पर समुचित कार्यवाही नहीं की गई तो 13 अप्रेल से मंदिर परिसर के सामने ही धरना शुरू किया जायेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन में बताया गया है कि रविवार को हुई मारपीट की घटना के बाद श्रद्धालुओं को ही दबाव में लेकर मामला रफा दफा करवा दिया गया। जबकि मंदिर कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के लोगों को पर्याप्त संख्या में सदस्य नहीं बनाया जाता। इसलिए जल्द से जल्द इस मंदिर को देवस्थान विभाग के अधीन लेकर सरकार इसका संचालन करे। ज्ञापन सौंपने के दौरान किसान सभा अध्यक्ष तेजपाल गोदारा, एसएफआई जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश डूडी, डीवाईएफआई के दीनदयाल गुलेरिया, मदनलाल, साबिर चौहान, जगदेव बेड़ा, एडवोकेट रामकुमार मेघवाल, शिवपालसिंह, इन्द्रचंद, गंगाधर मूंड, दिनेश, छोटू, गौरीशंकर, सागर सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
एसडीएम ने थमाया हनुमान सेवा समिति को नोटिस:
सालासर बालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ बाउंसरों द्वारा की गई रही मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटनाओं को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। उपखंड अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा ने इस संबंध में श्री हनुमान सेवा समिति को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। उपखंड अधिकारी ने अपने नोटिस में समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। नोटिस में एसडीएम ने कहा कि बाउंसरों के ऐसे कृत्यों से सालासर मंदिर की पवित्र छवि खराब हो रही है। इन घटनाओं के कारण मीडिया और जनता द्वारा प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नोटिस में एसडीएम ने पूछा है कि ये गार्ड और बाउंसर किस एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किए गए हैं और उन्हें क्या निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ओमप्रकाश वर्मा ने नोटिस में बताया है कि बाउंसरों द्वारा भक्तों के साथ किए जा रहे व्यवहार से व्यथित होकर आमजन अब मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात करने और व्यवस्थाओं को पूरी तरह प्रशासन के हाथ में लेने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने हनुमान सेवा समिति को 2 दिन का समय दिया है। इस अवधि में समिति को बाउंसरों की नियुक्ति प्रक्रिया, एजेंसी का विवरण और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किए गए सुधारों पर लिखित जवाब पेश करना होगा। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार आवश्यक है, अन्यथा प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।
मंदिर प्रबंध कमेटी ने जारी किया स्पष्टीकरण:
दूसरी ओर मामले को लेकर बालाजी मंदिर प्रबंध कमेटी की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि जो विडियो फेसबुक और शोसल मीडिया में वायरल किया गया है, वो एक तरफा और अधूरा है। सम्पूर्ण विडियो सीसीटीवी का देखने पर सामने आया कि श्रद्धालुओं ने महिला गार्ड के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया था, जिसके प्रमाण पुलिस को दिए गए हैं और सम्बंधित श्रद्धालुओं ने भी माफी मांग ली है। कमेटी ने इस प्रकार की घटना पर खेद जताया है और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। हालांकि विडियो में साफ नजर आ रहा है कि एक महिला गार्ड सबसे पहले श्रद्धालु को थप्पड़ मारती है और उसके बाद विवाद बढकर मारपीट का रूप ले लेता है। वहीं इस घटना के दौरान एक टप भी सुरक्षा गार्डों की ओर फेंका जाना विडियो में नजर आ रहा है।