दिव्यांगों के साथ सरकार का धोखा, आरक्षण को दरकिनार कर दे दी नौकरी

जीएनएम भर्ती 2018 में चयनित दिव्यांग युवा रह गए नौकरी से वंचित

चूरू,(पीयूष शर्मा)4 मई। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने हाल ही में चिकित्सा महकमे में जीएनएम के 4800 पदों पर दी गई नियुक्तियों में दिव्यांग जनों के चार फीसदी आरक्षण को दरकिनार कर इनके साथ धोखा किया है। ऐसे में नौकरी से वंचित रहे युवा अब राज्य सरकार को कोसते हुए अपने हक की मांग कर रहे हैं। राजस्थान दिव्यांग नर्सेज के प्रतिनिधिमंडल ने मो. शकील के नेतृत्व में चार मई को विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर वंचित दिव्यांग युवाओं की पीड़ा से अवगत करवाया। दिव्यांग जनों की समस्या सुनकर राठौड़ ने अतिरिक्त प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर वंचित दिव्यांग युवाओं को नौकरी देने की मांग की। ताकि वे कोरोना महामारी से लड़ाई में हैल्थ वर्कर के रूप में अपना सहयोग दे सकें।
193 दिव्यांग युवा यूं रह गए नौकरी से वंचित गौरतलब है कि गत 28 अपै्रल को विभाग ने 4800 पदों पर जीएनएम पद पर नियुक्ति के लिए अंतिम चयन सूची जारी की थी। इसके मुताबिक 237 दिव्यांगों (4800 पदों के चार फीसदी आरक्षण के आधार पर 193 दिव्यांगों) को भी नियुक्ति दी जानी थी। उक्त 193 दिव्यांगों को नियुक्ति देने के बावजूद 44 पद रिक्त रहने थे। मगर चिकित्सा विभाग ने दिव्यांगों के आरक्षित पदों पर नियुक्ति नहीं दी गई।
12 हजार जीएनएम व एएनएम को एक साथ मिले नियुक्ति दिव्यांग जनों ने ज्ञापन के जरिए अपनी मांग रखी कि चयनित दिव्यांगजनों सहित जीएनएम व एएनएम के लगभग 12 हजार कार्मिकों को एक साथ नियुक्ति दी जाए। ताकि वे सभी युवा कोरोना महामारी से लड़ाई में देश का सहयोग कर सकें।

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