गणगौर की रौनक, नवविवाहिताएं और युवतियां कर रहीं पारंपरिक पूजा-अर्चना
श्रवण सारस्वत
रींगस ( नवयत्न ) । युवतियां ईशर व गणगौर बन कर लोक गीतों के साथ करती है पुजा अर्चना रींगस कस्बे में इन दिनों गणगौर पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नवविवाहित महिलाएं और युवतियां प्रतिदिन सुबह और शाम एकत्रित होकर ईसर-गणगौर की पूजा-अर्चना कर रही हैं।
गणगौर माता की पूजा के लिए महिलाएं दूब, पुष्प और सुहाग सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। इस दौरान नवविवाहित महिलाएं अपने घरों से डीजे व गाजे-बाजे के साथ कस्बे के मठ महादेव मंदिर से पूजा के लिए जल लेकर आती हैं। गणगौर पर्व माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना का प्रतीक माना जाता है। नेहा पारीक ने बताया कि इस पर्व के दौरान नवविवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की कामना करती हैं। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों और कॉलोनियों में प्रतिदिन सुबह-शाम गणगौर माता की पूजा और लोकगीतों का आयोजन किया जा रहा है, जो पर्व के समापन तक जारी रहेगा।