बकरी पालन एवं प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर शुरू
हर्ष सोनी
झुंझुनू (नवयत्न)। पशु विज्ञान केंद्र झुंझुनूं में उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) तथा प्रसार शिक्षा निदेशालय, रुवास (जोबनेर), जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों के लिए बकरी पालन एवं प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। शिविर में क्षेत्र के 30 प्रगतिशील पशुपालकों ने भाग लिया। केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ अरविन्द कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन, उन्नत नस्लों, पोषण एवं बेहतर फार्म प्रबंधन की जानकारी देकर इस व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाना है। कार्यक्रम में डॉ उमेश कुमार चौधरी ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की। बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय, झुंझुनूं के डॉ संजय कुमावत ने बकरी पालन के आर्थिक लाभों, वैज्ञानिक आवास व्यवस्था और दैनिक देखभाल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बकरी पालन कम लागत और सीमित स्थान में शुरू किया जा सकने वाला लाभकारी व्यवसाय है। बकरियों के शेड का निर्माण ऊंचे स्थान पर करना चाहिए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो। तकनीकी सत्र में डॉ सुमन वर्मा ने जमुनापारी, बीटल, मारवाड़ी एवं सिरोही जैसी बकरी की प्रमुख नस्लों की विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने संतुलित आहार प्रबंधन पर जोर देते हुए बताया कि बकरियों के बेहतर स्वास्थ्य, वजन वृद्धि, प्रजनन क्षमता और दुग्ध उत्पादन के लिए पौष्टिक आहार आवश्यक है। इसके लिए खेजड़ी, अरडू और बेर की हरी पत्तियों के साथ दलहनी चारा, अनाज एवं खनिज लवण का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण के दौरान डॉ अरविन्द कुमार एवं डॉ उमेश कुमार ने प्रतिभागियों को केंद्र परिसर में स्थित आधुनिक बकरी फार्म का भ्रमण करवाया और बकरी पालन की दैनिक गतिविधियों एवं प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी। इस अवसर पर केंद्र के दलीप सिंह एवं सुमित पुरी भी उपस्थित रहे।