खाते में 90 रूपए देखकर नरेगा कर्मियों के उड़े होश, कार्यवाही की कर रहे हैं मांग
खेतड़ी,(जयंत खाँखरा)30 मई। कोरोना काल में नरेगा में मजदूरी कर रहे श्रमिकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है एक के बाद एक गांव में समस्या बढ़ती जा रही है। पहले उपखंड के खरखड़ा में काम कर रहे श्रमिकों के खाते में पैसे कम आए तो अब एक और मामला सामने आया है जिसमें पपुरना ग्राम पंचायत के तत्वावधान में मोडकी गांव में पापड़ा जोहड़ में चल रहे खुदाई कार्य में नरेगा श्रमिकों को गत पखवाड़े का मजदूरी का भुगतान 90 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से आया तो उनके होश उड़ गए।
नरेगा कर्मियों में इस बात को लेकर आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने कार्यवाही की मांग की तथा उन्होंने आपबीती मीडिया के सामने बयान की। नरेगा में मजदूरी कर रहे मजदूर सुनील, गिरधारी, घीसाराम, चिमनाराम, सत्यवीर, रोहिताश ने बताया कि वे तपती गर्मी में अपनी पूरी सेवाएं दे रहे हैं। परिवार के हालात खराब है पेट के खातिर काम पर आना पड़ता है लेकिन हमारे खाते में जब 220 रुपये की जगह मात्र 90 रूपये ही प्रतिदिन के हिसाब से आए तो ऐसे में बड़ी हैरानी और दुख हुआ अब हमारी कौन सुनेगा और कैसे हमारे पैसे हमें मिल पाएंगे।
उन्होने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने भी घोषणा की थी कि कोई भी संस्थान मजदूरों के लॉक डाउन का भुगतान नहीं काटेगा। परन्तु उनके तो किए हुए कार्य का भी भुगतान काट लिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश रावत ने बताया कि वे इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर इसकी जांच की मांग करेगे।
मजदूरो की प्रतिदिन की दर अवश्य 220 रुपए प्रतिदिन है। परन्तु भुगतान किए गए कार्य के टास्क के अनुसार किया गया है। यदि फिर भी मजदूर संतुष्ट नहीं है तो कार्य की पुन: जांच करवाली जावेगी। महेन्द्र सिंह, विकास अधिकारी, पंचायत समिति खेतड़ी