108 प्रकार के फूलों से सजा खाटूश्याम दरबार; 20 फीट ऊंचा डमरू आकर्षण का केंद्र
खाटूधाम फाल्गुनी लक्खी मेला :
प्रदीप सैनी
खाटूश्यामजी (दैनिक नवयत्न ) । विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम शीश के दानी की जय, हारें के सहारे की जय और खाटू नरेश की जय के जयकारों से खाटूश्यामजी धाम भक्तिमय हो उठा है। बाबा श्याम के आठ दिवसीय वार्षिक लक्खी फाल्गुनी मेले के दूसरे दिन देशभर से आए लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दीदार को आतुर नजर आए।रींगस से पदयात्रा करते श्याम भक्त चंग की थाप पर नाचते-गाते, गुलाल उड़ाते हुए हाथों में निशान लेकर मंदिर पहुंचे और मत्था टेककर मन्नतें मांगी। मुख्य मेला एकादशी, 27 फरवरी को भरेगा, जिसको लेकर श्री श्याम मंदिर कमेटी ने मंदिर परिसर को भव्य व आकर्षक रूप से सजाया है। प्रशासन द्वारा किए गए नवाचारों से दर्शन व्यवस्था सुगम हुई है, जिससे श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन हो रहे हैं। जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा व एसपी प्रवीण नायक नूनावत लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मेला मजिस्ट्रेट मोनिका सामोर ने बताया कि प्रशासन शांतिपूर्ण व सुरक्षित दर्शन के लिए तत्पर है। बाजारों में रौनक है, प्रसाद व धार्मिक वस्तुओं की दुकानों के साथ पदयात्रियों की सेवा के लिए भंडारे भी शुरू हो चुके हैं।
बाबा खाटूश्याम के फाल्गुनी लक्खी मेले के दूसरे दिन रविवार को श्याम बाबा का बंगाल से आए गुलाबी फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। 108 तरह के फूलों से दरबार को सजाया गया है। मंदिर के मुख्य द्वार पर भी करीब 20 फीट ऊंचा डमरू बनाया गया है। मंदिर परिसर को लाल और पीले कपड़ों से सजाया गया है। इधर, रींगस से खाटू तक श्रद्धालुओं की लाइनें आगे लगी हैं।

हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश से पहुंचे रहे हैं श्रद्धालु
राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में भक्त निशान लेकर पहुंच रहे हैं। जयकारों के साथ ढोल पर नाचते-गाते पहुंचते भक्तों से मेले में रौनक शुरु हो गई।
मेले की शुरुआत के साथ ही खाटूश्यामजी में भंडारों व सेवा शिविर भी लगना शुरू हो गए हैं। रींगस खाटू पदयात्रा मार्ग सहित पूरी खाटू नगरी में दर्जनों शिविर ओर भंडारे लगे हुए हैं। मेला परवान चढ़ने के साथ इनकी संख्या 500 से ज्यादा होने की संभावना है।

भगवान श्रीकृष्ण की करीब 10 फीट की मूर्ति भी लगाई गई
प्रशासन ने भी अपनी तैयारियों को पुख्ता किया है। इस बार बाबा श्याम का यह मेला आठ दिन का होगा। इसमें सुबह मंदिर के पट खुलने के बाद से बाबा श्याम रोजाना नए श्रृंगार के साथ अपने भक्तों को लगातार दर्शन देंगे। देश- विदेश के 108 तरह के फूलों से सजाया गया है। मंदिर के मुख्य द्वार पर भी करीब 20 फीट ऊंचा डमरू बनाया गया है।

इसके अलावा भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंगों को जगह दी गई है। इसके अलावा, दरबार में भगवान श्रीकृष्ण की करीब 10 फीट की मूर्ति भी लगाई गई है। मूर्ति में श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते नजर आ रहे हैं। हरे, लाल व नीले रंग में मोतियों वाले मुकुट और गले में वैजयंती माला पहने हैं।