मोक्षा अग्रवाल ने बढ़ाया चिड़ावा का मान
बनीं सीजीएसटी इंस्पेक्टर
विजेन्द्र सिंह लमोरिया
चिड़ावा (नवयत्न)। अगर इरादा मजबूत हो तो छोटे कस्बे की बेटियां भी देशभर में अपनी पहचान बना सकती हैं। इसी प्रेरणादायक संदेश को साकार किया है चिड़ावा कस्बे की होनहार बेटी मोक्षा अग्रवाल ने। जिन्होंने एसएससी द्वारा आयोजित सीजीएल परीक्षा में ऑल इंडिया 43वीं रैंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे शेखावाटी क्षेत्र और अग्रवाल समाज का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के साथ उनका चयन केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग (सीजीएसटी) में इंस्पेक्टर पद पर हुआ है। चिड़ावा जैसे कस्बे से निकलकर देशभर में टॉप रैंक हासिल करना आसान नहीं होता। लेकिन मोक्षा ने यह साबित कर दिया कि संसाधनों से ज्यादा जरूरी संकल्प होता है। देशभर से करीब 1.30 लाख अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। जिनमें से लगभग 15 हजार ही अंतिम चयन सूची तक पहुंच सके। ऐसे कठिन प्रतिस्पर्धी माहौल में 43वीं रैंक हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। मोक्षा की सफलता के पीछे कोई शॉर्टकट नहीं, बल्कि लगातार तीन वर्षों की कड़ी मेहनत और अनुशासित दिनचर्या रही।
उन्होंने खुद बताया कि तीन साल तक एक ही कमरे में रहकर तैयारी की। सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाई। इंस्टाग्राम सहित किसी भी प्लेटफॉर्म पर अकाउंट तक नहीं रखा। उनका मानना है कि फोकस बनाए रखने के लिए डिस्ट्रैक्शन से दूर रहना बेहद जरूरी है। बेटी मोक्षा अग्रवाल की यह सफलता यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और मन में दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। छोटे कस्बों की बेटियां भी अब देश की बड़ी सेवाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं और यही बदलते भारत की नई तस्वीर है।
भीड़ से अलग सोच ने दिलाई पहचान
कॉमर्स स्ट्रीम के अधिकांश विद्यार्थी जहां सीए, सीएस या सीएमए की ओर जाते हैं। वहीं मोक्षा ने अलग रास्ता चुना।उन्हें इनकम टैक्स इंस्पेक्टर और केंद्रीय सेवाओं के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने एसएससी सीजीएल परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उनका कहना है हर छात्र को अपनी रुचि के अनुसार रास्ता चुनना चाहिए, सिर्फ पारंपरिक विकल्पों तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहिए। मोक्षा की सफलता की कहानी में संघर्ष भी शामिल है। पिछले प्रयास में उन्हें मनचाही रैंक नहीं मिली थी। नॉर्मलाइजेशन के कारण अंक प्रभावित हुए, लेकिन उन्होंने समझौता नहीं किया और जॉइनिंग लेने के बजाय दोबारा तैयारी करने का फैसला किया। इस बार उन्होंने अपनी कमजोरी को ताकत बनाया और ऑल इंडिया 43वीं रैंक हासिल कर दिखाई।
पहली पसंद सीजीएसटी, राजस्थान में सेवा की इच्छा
मोक्षा ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता शुरू से ही केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग (सीजीएसटी) थी। अब उनका चयन इंस्पेक्टर पद पर हो चुका है और जल्द ही उन्हें ट्रेनिंग के साथ राज्य आवंटन मिलेगा। उन्होंने इच्छा जताई है कि वे राजस्थान में रहकर ही देश की सेवा करना चाहती हैं। मोक्षा का मानना है कि बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। सिर्फ सीए, डॉक्टर या इंजीनियर तक सोच सीमित नहीं रखें। साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स—हर क्षेत्र में बेहतर करियर विकल्प मौजूद हैं। उनका यह संदेश आज के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए नई दिशा दिखाता है।
परिवार में जश्न, माता-पिता हुए भावुक
मोक्षा की सफलता की खबर जैसे ही चिड़ावा पहुंची, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
मां विनिता और पिता अमित हलवाई के साथ पूरा हलवाई परिवार भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि उन्हें यह भी अंदाजा नहीं था कि मोक्षा इतनी बड़ी तैयारी कर रही है। मोक्षा के दादा श्रीकांत हलवाई कस्बे के जाने—माने व्यापारी है। उनकी दादी तारादेवी गृहिणी है। जबकि मोक्षा के पिता अमित अग्रवाल भी व्यवसायी और मां विनिता अग्रवाल गृहिणी है। परिवार के लोगों ने कहा कि आज उनकी बेटी ने पूरे परिवार का नाम रोशन किया है। स्थानीय नागरिकों और अग्रवाल समाज के लोगों ने इसे गौरव का क्षण बताया है। लोगों का कहना है कि मोक्षा की यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि समाज और क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस मौके पर दादा अशोक हलवाई, दादी संतोष देवी, चाचा विशाल, आलोक, हेमंत, रवि, चाची अनिता, पूजा, पायल, सोनू, सिया, आसी, कार्तिकेयर आदि ने भी बधाई दी है।
अग्रवाल समाज ने जताई खुशी
मोक्षा की उपलब्धि पर पूर्वी राजस्थान अग्रवाल सम्मेलन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष झंडीप्रसाद हिम्मतरामका, अग्रवाल जन कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष दामोदरप्रसाद हिम्मतरामका, व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेश मालानी, सेंट विवेकानंद स्कूल के चेयरमैन शिक्षाविद् अनिल गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता महेश सर्राफ, अखिल भारतीय हिंदू महासभा के जिला उपाध्यक्ष रमेश गाडिया, पूर्व पार्षद सुनिल डालमिया मक्खन, श्रीकृष्ण गौशाला के महामंत्री प्रो. केएम मोदी, अडूकिया स्कूल के प्रिंसिपल प्रदीप मोदी, युवा वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री अनुज भगेरिया, पूर्व सहवृत्त सदस्य कपिल भगेरिया, मॉर्निंग योगा क्लब के इंद्र सूरजगढ़िया, युवा व्यवसायी अमित सुशील गोयल, अनिल रामभरोसा, केके बाछुका, राकेश बाछुका, राकेश सर्राफ, अमित भगेरिया, प्रशांत अग्रवाल पिचानवेवाला, प्रो. केएल लाठ, सौरभ—राहुल सुलतानिया, आशीष अग्रवाल गाडाखेड़ावाला, टीलेवाला बालाजी मंदिर समिति के मुरारी किठानिया, किशन गोयल, सुरेश डालमिया, बाल कल्याण समिति की पूर्व सदस्य व पूर्व पार्षद मनीषा केडिया आदि ने खुशी जताई है और पूरे समाज के लिए मोक्षा को एक प्रेरणा बताया है।