कृषि उपज मंडी की लैब में सरसों की टेस्टिंग के लिए सिर्फ एक मशीन

नवरतन वर्मा
चूरू (नवयत्न)। चूरू जिले के सरदारशहर में रबी सीजन के तहत किसानों को सरसों की उपज निकालने के बाद अब उसकी लैब टेस्टिंग करवाने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। लैब टेस्टिंग करवाने के लिए पिछले आठ-10 दिन से रोज कृषि उपज मंडी में किसानों की लंबी कतार लग रही है। भिंवसर गांव के किसान गोविंद बराला ने बताया कि कई किसान लंबा सफर तय करके आते हैं और यहां आकर फिर से उन्हें कतार में लगकर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान सरसों की बुआई करते हैं। इसको देखते हुए समिति को पर्याप्त मशीनों की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वहीं कृषि उपज मंडी में सरसों की टेस्टिंग कर रही कर्मचारी प्रियंका सैनी ने बताया कि प्रत्येक किसान अपनी सरसों की फसल के तीन सैंपल लेकर आ रहे हैं और इस मशीन में सरसों की फसल डालने के बाद एक सैंपल को टेस्ट करने में 1 मिनट का समय लगता है। मशीन के अंदर 100 से 150 ग्राम के बीच सरसों डालने के बाद उस सरसों को मशीन स्कैन करती है और सरसों की क्वालिटी का रिजल्ट बताती है जो हम लिखकर किसानों को दे देते हैं। उन्होंने कहा कि इसके बदले में किसानों से 30 रुपये प्रति किसान फीस ली जाती है।

उन्होंने कहा कि एक मशीन होने की वजह से और किसानों की संख्या ज्यादा होने की वजह से किसानों को परेशानी तो होती ही है। उन्होंने कहा कि यह भीड़ सरसों की फसल कटाई की सीजन के समय ज्यादा होती है, अन्य समय पर यहां पर भीड़ नहीं होती है। प्रियंका सैनी ने बताया कि हम पूरी कोशिश करते हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। किसानों ने बताया कि कृषि उपज मंडी में स्थित लैब में आधुनिक मशीन से सरसों की जांच की जाती है, जिसमें सरसों में नमी, तेल की मात्रा व प्रोटीन आदि की जानकारी मिल जाती है। यह मशीन एक से दो मिनट में सरसों की जांच कर रिपोर्ट दे देती है। यह रिपोर्ट मिलने के बाद सरसों की गुणवत्ता अच्छी होने पर किसान को उसके भाव भी अच्छे मिलते हैं, लेकिन लैब में एक ही मशीन है, जिसके कारण किसानों को कतार में लगकर घंटों इंतजार के बाद रिपोर्ट मिल पा रही है। इस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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