प्रवासी कामगारों व जरूरतमंदों के लिए वरदान बनी विवेकानंद मित्र परिषद्

चिड़ावा,(विजेंद्र सिंह लमोरिया)17 मई। देश में लॉक डाउन होते ही प्रवासी मजदूरों, जरूरतमंद लोगों के सामने खाने का संकट भी गहराने लगा था। इस विकट हालात में लॉक डाउन के बीच यहां फंसे मजदूर, घुमन्तु व असहाय जैसे लोगों के लिए चिड़ावा की सामाजिक संस्था विवेकानंद मित्र परिषद् वरदान बन कर आई। मित्र परिषद् के संरक्षक व वरिष्ठ पत्रकार डॉ शम्भू पंवार ने बताया कि लॉक डाउन के चलते कामकाज बन्द होने से इन प्रवासी कामगारों के लिए घर बैठे खाने की समस्या उत्पन्न हो गयी। मित्र परिषद् ने कामगार मजदूरों की पीड़ा को देखते हुए नर सेवा-नारायण सेवा प्रकल्प के रूप में जनता रसोई शुरु की। राज्य में अपनी अनूठी पहचान बनाने वाली परिषद् की यह नेकी की रसोई डॉ ओमप्रकाश पंचरंगिया मार्ग पर स्थित पंसारीजी की हवेली में लॉक डाउन के नियमो का पालन करते हुए पिछले 51 दिन से चल रही है। परिषद् द्वारा प्रतिदिन 500 से अधिक लोगो को भोजन के पैकेट पहुंचाकर मानवता की सेवा में जुटी है। परिषद् की इस जनता रसोई में शुद्धता व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

प्रवासी कामगारों का विशेष ध्यान
मित्र परिषद् प्रवासी कामगार मजदूर जो नेपाल, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, एमपी से आकर काम कर रहे है उनका विशेष ध्यान रखा। परिषद् के कार्यकर्ताओं ने ऐसे प्रवासी कामगार लोगों का सर्वे किया और सामने आया कि इनमें अधिकतर के पास खाने की बड़ी समस्या है। ऐसे में नरसेवा-नारायण सेवा प्रकल्प के तहत इन लोगों तक खाना पहुंचाने का काम शुरू किया गया।

परिषद् के संरक्षक डॉ शंभू पंवार ने बताया कि युवा व्यवसायी संदीप फतेहपुरिया, राजेश डालमिया, दिनेश दाधीच, अरुण भीमराजका, सोनू मोदी, सुरेश डालमिया, सत्यनारायण चौधरी, सुरेंद्र पारीक, मुरारी किठानिया परिषद् का सहयोग करने के लिए आगे आये और कार्यकत्र्ताओ का उत्साह बढ़ाया। वहीं परिषद् के पत्रकार चंद्रमौलि पंचरंगरिया, कमलकान्त पुजारी, सूरतमल सोनी, नरोत्तम सोनी, पंडित मुकेश पुजारा, बैजनाथ मोदी, सोनू मोदी, रोहिताश्व महला की देख रेख में जनता रसोई का कार्य 51 दिन से स्वछता व शुद्धता से चल रहा है।

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