संस्कृत है विश्व कल्याण का आधार

सुरेंद्र शर्मा

सीकर (नवयत्न)। राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, सीकर में दो दिवसीय संस्कृत शिक्षा विभागीय संस्था प्रधानों की वाक्पीठ संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्घाटन जिला नोडल अधिकारी संस्कृत शिक्षा योगेश कुमार शर्मा ने किया।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री प्रो. डॉ. अशोक महला ने भाग लिया। उन्होंने संस्कृत की महत्ता को बल देते हुए बताया कि संस्कृत विश्व कल्याण की भाषा है और 2047 में विकसित भारत में संस्कृत विद्वानों को बड़ी भूमिका निभानी होगी।

समारोह में विशेष अतिथि अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी बाबुलाल गुर्जर रहे, जिन्होंने संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता को बताते हुए प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक खोजों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर इतिहास संकलन समिति सीकर के संरक्षक एवं पूर्व संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी डॉ. किशनलाल उपाध्याय, प्रो. मामराज शर्मा, विनोद कुमार शर्मा, राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक दिनेश कुमार शर्मा, भवानी सिंह शेखावत आदि भी उपस्थित रहे।

वाक्पीठ संगोष्ठी के सचिव डॉ. चन्द्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि संगोष्ठी में शैक्षणिक नवाचार, प्रवेशोत्सव, नामांकन वृद्धि, ठहराव व कार्यालय प्रबन्धन के विविध सत्रों का आयोजन किया जायेगा।

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