अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने दिया शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन
अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न )। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) उपशाखा सुजानगढ़ द्वारा शिक्षामंत्री राजस्थान सराकार को उपखण्ड अधिकारी, सुजानगढ़ के माध्यम से प्रदेश के समस्त शिक्षकों की व्यथा को प्रकट करते हुए एवं शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि शिक्षा मंत्री स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप कर शिक्षा व शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं पर ठोस कार्यवाही कर निर्देश प्रदान करें, ताकि अध्यापको को राहत मिल सके।
ज्ञापन में मांग की गई है कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों को अध्यापक पात्रता परीक्षा टेट व रीट से मुक्त रखा जावे। इसी प्रकार ग्रीष्मा अवकाश में की गई 10 दिनांे की कटौती हटाई जाकर ग्रीष्मावकाश पूर्ववत 17 मई से 30 जून तक किया जावे। संस्थाप्रधान द्वारा घोषित साधिकार अवकाश में की एक दिन की कटौती वापस लिए जाने, शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी अध्यापको (7वर्षो से लम्बित) सहित समस्त संवर्गो के स्थानान्तरण यथाशीघ्र किये जाने, शिक्षकों के सभी स्तर की लंबित पदोन्नतियां किए जाने, न्यायालय में लम्बित तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों की पदौन्नति पर विधि एवं शिक्षा विभाग को त्वरित निस्तारण करवाने के निर्देश प्रदान करने, पदौन्नत प्रधानाचार्य एवं उप-प्रधानाचार्यों का पदस्थापन यथाशीघ्र किए जाने की मांगे की गई है। इसी प्रकार सभी विद्यालयों में रिक्त पदों को तत्काल भरे जाने, शिक्षकों को समस्त गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त किए जाने, एसएनए के माध्यम से जारी होने वाले समस्त बजट सत्रारम्भ में ही जारी किये जाने की मांगे की गई है। जनगणना कार्य में व्याख्याताओं (राजेन्द्र शर्मा, रणजीत न्यौल, हनुमान दास, पवन कुमार मीणा, प्रेम लाटा, दलवीर सिंह, हेमन्त कुमार आदि को) प्रगणक लगाया गया है, उन्हें सुपरवाईजर लगाने, दोनों पैरों से दिव्यांग सीताराम नाई की जनगणना ड्यूटी काटी जाने और जनसंख्या के अनुपात में गाँव में प्रगणक लगाने की माँग भी की गई है। इस दौरान प्रदेश विभाग संगठन मंत्री रामेश्वर लाल खीचड, उपशाखा अध्यक्ष कमल जाखड़, मंत्री मनोज शर्मा, प्रधानाचार्य केशरी सिंह, रामावतार शर्मा, महमूद हसन, रिंकू सोनी, पप्पूराम मीणा, धर्मसिंह मीणा, अंजू गुर्जर, रगिनी सोनी, मोनिका झूरिया शिवभगवान रोहिला, इकबाल खान, अशोक कुमार, अभिषेक चैधरी, जगदीश जाट, गोवर्धनलाल जान्दू, रंजन अत्रि, सुखाराम डुकिया, मानव भारती, कमल स्वामी, गौतम सिंह तंवर, नानूराम मेघवाल कुलदीप शर्मा, मनीष जाट, पूनम चन्द रेगर, नरेश कुमार, बसन्त चैधरी, गोविन्द राम प्रजापत, बजरंगलाल प्रजापत, पुरूषोतम कुमार, मुकेश कुमार, अनिल कुमार लाम्बा, अजय सैनिक, रामलाल कासौटिया, अब्दुल सत्तार पड़िहार, धनराज सिंगोदिया, जीवणदान, रामलाल मेघवाल, नरेन्द्र कुमार, ओमप्रकाश मेघवाल, जयप्रकाश शर्मा, रामनिवास बाकोलिया सहित अनेक शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहे।