रेलवे पुल निर्माण से यातायात व्यवस्था चरमराई, अस्पताल पहुंचने का रास्ता भी बाधित
श्रीराम तिवाड़ी
नोखा (नवयत्न)। नवली गेट पर निर्माणाधीन रेलवे पुल के चलते नोखा की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। नवली गेट, सुजांगट रोड और बीकानेर-नागौर रोड पर आवागमन बाधित होने से आमजन, वाहन चालकों और रोडवेज बस यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल पहुंचने का रास्ता भी प्रभावित हो गया है। वहीं, रेलवे पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से चलने के कारण लोगों को लंबे समय तक इस समस्या से जूझना पड़ सकता है।
मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में बढ़ रही मुश्किलें
रेलवे पुल निर्माण के चलते रास्ते बाधित होने का सबसे गंभीर असर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं पर पड़ रहा है। जोरावरपुरा और मोहनपुरा क्षेत्र से किसी मरीज को अस्पताल लाना हो तो अंडरब्रिज अथवा रायसर स्थित आउटर फाटक के रास्ते से होकर आना पड़ता है। इस दौरान यातायात दबाव और जाम के कारण काफी समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चिकित्सा जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए निर्बाध रास्ता उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
धीमी गति से चल रहा निर्माण, लंबे संकट की आशंका
नवली गेट पर रेलवे पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से चलने के कारण क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ रही है। निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा, इसे लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि कार्य में तेजी नहीं लाई गई और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले लंबे समय तक शहरवासियों, ग्रामीणों और मरीजों को आवागमन संबंधी समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं।
रामदेव चौक पर अस्थायी बस स्टैंड शुरू करने की मांग
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रामदेव चौक पर अस्थायी बस स्टैंड शुरू करने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में गुरुवार को एक ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी प्रिया बजाज को दिया गया। ज्ञापन देने वालो में पार्षद देवकिशन चांडक, सीताराम पंचारिया, जगदीश राठी सहित कई नागरिकों मौजूद रहे। पार्षद देवकिशन चांडक ने बताया कि ज्ञापन राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अधिकारियों के नाम सौंपा। ज्ञापन सौंपकर यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। वर्तमान में रोडवेज बसें नवली गेट से बाइपास, रामदेव चौक और भूरा चौक होते हुए मुख्य बस स्टैंड तक पहुंचती हैं। मुख्य बस स्टैंड से नवली गेट की दूरी करीब दो किलोमीटर होने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी होती है। रामदेव चौक शहर के मध्य स्थित होने के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रमुख मार्ग है।
ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी राहत की दरकार
रोड़ा, कुदसू, पांचू, नाथूसर, साईसर, कंवलिसर, दावां की प्याऊ, कक्कू और सारुण्डा सहित आसपास के गांवों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी मौजूदा व्यवस्था के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। रामदेव चौक पर अस्थायी बस स्टैंड शुरू होने से शहरवासियों और ग्रामीण यात्रियों को राहत मिल सकती है।
प्रशासन से दोहरी चुनौती का समाधान करने की अपेक्षा
एक ओर रेलवे पुल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर निर्माण अवधि के दौरान अस्पताल तक सुगम पहुंच, यातायात संचालन और रोडवेज यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा वैकल्पिक मार्गों और अस्थायी बस स्टैंड की व्यवस्था पर गंभीरता से निर्णय लिया जाए, ताकि विकास कार्य के कारण आमजन और मरीजों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।