धरना देकर लडेंगे व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई: किसान सभा

अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न)। सालासर धाम में बाउंसर्स द्वारा श्रद्धालुओं के साथ की गई मारपीट के विरोध में सालासर धाम में 13 अप्रैल को प्रस्तावित धरने प्रदर्शन को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया। उपखंड मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में बोलते हुए जिला सचिव कॉमरेड रामनारायण रूलाणिया ने कहा कि जिस प्रकार से सालासर में अमीरों की खुशामदी और वीआईपी दर्शन का कल्चर विकसित हुआ है वह आम गरीब श्रद्धालुओं के लिए घातक है। किसान सभा व्यवस्था परिवर्तन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करेगी, क्योंकि कब तक गरीब मार खायेगा और माफी मांगेगा। इसलिए हमारी अपील है कि अधिक से अधिक श्रद्धालु सालासर में होने वाले धरने में भाग लें। एसएफआई के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश डूडी ने कहा कि 5 अप्रेल को सालासर मंदिर में जो घटना श्रद्धालुओ के साथ हुई थी, उसके खिलाफ सामाजिक संगठन उतरे हैं, इसलिए आम व्यक्ति को सहयोग करना चाहिए, ताकि अव्यवस्था को सुधारा जा सके। एडवोकेट रामकुमार मेघवाल ने कहा कि सालासर के पास धर्मशालाओं और होटलो के मायाजाल बन गए हैं, लेकिन गरीब के लिए कोई सुविधा नहीं है। गरीबों को धक्के दिए जाने की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं। किसान सभा के अध्यक्ष तेजपाल गोदारा ने कहा कि बालाजी धाम में आए चढ़ावे के पैसे से विलासिता की जिन्दगी कुछ लोग जी रहे हैं, जबकि पैसा आम जनता का है, जो सरकार में जाना चाहिए। इसलिए मंदिर को देवस्थान विभाग के अधीन लेने की हमारी मुख्य मांग है। एडवोकेट बनवारीलाल बिजारणिया ने कहा कि बालाजी महाराज में हमारी गहरी आस्था है, इसलिए हम लोगों ने व्यवस्था परिवर्तन की बीड़ा उठाया है, ताकि आम जन को सालाधर धाम में जाने पर अपमान का सामना नहीं करना पड़े। क्योंकि अब तक दोषियों पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है। डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष दीनदयाल गुलेरिया ने कहा कि सालासर में घुसते ही स्टेडियम गंदगी से भरा पड़ा है। पोस्ट ऑफिस तक पर लोगो ने अतिक्रमण कर लिया, लेकिन प्रशासन इस प्रकार के लोगों पर कार्यवाही नहीं कर रहा है, इसलिए व्यवस्था परिवर्तन की इस लड़ाई में आम लोगो को साथ में आना चाहिए।

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