शनिवार को भी जारी वन्य जीवों की गणना
वॉटर पॉइंट्स पर हो रही मॉनिटरिंग
नवरतन वर्मा
चूरू (नवयत्न)। जिले में वन विभाग द्वारा वन्य जीवों की गणना का कार्य शुक्रवार शाम से शुरू होकर शनिवार तक लगातार जारी है। वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) के अवसर पर शुरू हुई यह 24 घंटे की विशेष गणना शनिवार शाम 5 बजे तक चलेगी। वन विभाग की टीम पूरे जिले के वन क्षेत्रों में सक्रिय होकर वन्यजीवों की सटीक संख्या जुटाने में लगी हुई है।
डीएफओ भवानी सिंह के अनुसार, पूर्व निर्धारित योजना के तहत जिलेभर में बनाए गए करीब 48 वॉटर पॉइंट्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन जल स्रोतों पर पानी पीने आने वाले वन्य जीवों की गणना की जा रही है, जिससे उनकी वास्तविक संख्या का आंकलन संभव हो सके।
वॉटर हॉल बने गणना का केंद्र
वन क्षेत्रों में बनाए गए प्राकृतिक व कृत्रिम वॉटर हॉल इन दिनों वन्यजीव गणना का मुख्य आधार बने हुए हैं। गर्मी के चलते अधिकांश वन्य जीव पानी की तलाश में इन स्थानों पर पहुंचते हैं, जिससे उनकी गिनती करना आसान हो जाता है। 100 से अधिक वनकर्मी तैनात
गणना कार्य को सफल बनाने के लिए 100 से अधिक वनकर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं। इसके साथ ही विभिन्न वन रेंज के अधिकारी भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि आंकड़ों में सटीकता बनी रहे।
ताल छापर अभयारण्य में विशेष निगरानी
ताल छापर अभयारण्य में भी वन्यजीव गणना का कार्य जोर-शोर से जारी है। यहां चिन्हित 9 वॉटर पॉइंट्स पर जीपीएस और कैमरा ट्रैप के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा पगमार्क (पदचिह्न) के आधार पर भी गणना की जा रही है।
यह अभयारण्य खासतौर पर कृष्ण मृग के लिए प्रसिद्ध है और इस गणना से उनकी वास्तविक संख्या सामने आने की उम्मीद है।
चांदनी रात बनी सहायक
पूर्णिमा की रात में चंद्रमा की रोशनी अधिक होने के कारण वन्य जीव आसानी से नजर आते हैं। इसी कारण इस दिन गणना करने से अधिक सटीक आंकड़े मिलने की संभावना रहती है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से जिले में वन्यजीवों की स्थिति का स्पष्ट आंकलन होगा, जो भविष्य की संरक्षण योजनाओं में अहम भूमिका निभाएगा।