भारतीय किसान संघ का शक्ति प्रदर्शन

सुभाष वर्मा
तारानगर (नवयत्न) । भारतीय किसान संघ चूरू के नेतृत्व में गुरुवार को तारानगर में ‘किसान जागृति रथ यात्रा’ के तहत विशाल शक्ति प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष मुकेश रामपुरा ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल एक रैली नहीं, बल्कि इस मरुस्थलीय क्षेत्र की उपेक्षा के खिलाफ ‘शंखनाद’ है। आजादी के 78 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी 11 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि वाले जिले में मात्र 30 हजार हेक्टेयर नहरी सिंचाई होना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। तहसील इकाई का गठन: रैली से पूर्व कृषि मंडी कार्यालय में बैठक कर सर्वसम्मति से तहसील इकाई का गठन किया गया। महावीर फौजी बुचावास को तहसील अध्यक्ष चुना गया। जिला कार्य के लिए इंद्राज नूईया, डॉ. अंकुर कुलहरी एवं कुलदीप स्वामी का चयन हुआ। तहसील कार्यकारिणी में रेवंत लाटा राजपुरा, वीर सिंह झोथड़ा, कानाराम ढाणी कुमारान, हरिराम ढाणी आशा, रामचंद्र आनंद सिंहपुरा, गोपाल भाकर झाड़सर छोटा, गुगनाराम छिंपा और भीम बाय को शामिल किया गया। ट्रैक्टर रैली एवं ज्ञापन: बैठक के बाद ट्रैक्टरों के साथ किसान नारेबाजी करते हुए कृषि मंडी से गौरव पथ, कोर्ट, बस स्टैंड, थाना होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां उपखण्ड अधिकारी तारानगर को प्रधानमंत्री, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रमुख मांगे: नहरी पानी की चोरी पर रोक- साहवा लिफ्ट में पानी चोरी रोककर आपूर्ति ढाई गुना बढ़ाई जाए। पृथक नहर का निर्माण- झेलम, चिनाब, सिंधु नदियों के पानी या शारदा-यमुना लिंक प्रोजेक्ट से जिले के लिए अलग नहर बने। कृषि विस्तार कार्यालय- साहवा और तारानगर क्षेत्र के लिए नए ‘सहायक निदेशक कृषि विस्तार’ कार्यालय का निर्माण हो। परीक्षण प्रयोगशाला- नकली कीटनाशक, उर्वरक और बीज की जांच हेतु आधुनिक लैब बनाई जाए। खेत के रास्ते का अधिकार- कानून में बदलाव कर 30 दिन में रास्ते का समाधान सुनिश्चित हो। पारदर्शी फसल बीमा- एक्सीडेंटल क्लेम को पारदर्शी बनाया जाए। 7. *भावांतर भुगतान योजना:* मध्यप्रदेश की तर्ज पर सीधा ‘भावांतर’ किसान के खाते में जमा हो। दिन में बिजली आपूर्ति-खेती के लिए दिन में फुल वोल्टेज बिजली दी जाए। जैविक खेती को प्रोत्साहन- जैविक किसानों के लिए जिला स्तर पर विशेष रियायतें लागू हों। डीबीटी से अनुदान-डीएपी-यूरिया की सब्सिडी सीधे किसान के खाते में भेजी जाए। पर्यावरण संरक्षण-विलायती बबूल खत्म करने की योजना बने और वन्यजीव रक्षकों का सम्मान हो। अतिवृष्टि मुआवजा- खरीफ 2025 में अतिवृष्टि से खराब फसलों का बीमा क्लेम अतिशीघ्र दिलवाया जाए। किसानों ने पेयजल समस्या से भी उपखण्ड अधिकारी को अवगत कराया, जिस पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिला। इस अवसर पर प्रांत जल संरक्षण मंत्री शंकर महर्षि, संभाग मंत्री रामविलास कांधलान, तहसील प्रभारी डॉ. अंकुर कुलहरी, सहप्रभारी इंद्राज नूईया, मणिशंकर, कुलदीप एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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