बीडीके अस्पताल कनेक्शन: फर्जी दिव्यांग बनकर नौकरी पाने वाला पकड़ा
जय जांगिड़
झुंझुनू (नवयत्न)। सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़े और डमी अभ्यर्थियों के जरिए नियुक्ति हासिल करने के मामलों में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले आरोपी संदीप सैनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले दो महीनों से फरार चल रहा था, जिसे अब पकड़ लिया गया है।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 6 मार्च 2026 को सवाई मानसिंह अस्पताल के ईएनटी विभाग की ओर से रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। जांच में सामने आया कि मेडिकल बोर्ड के समक्ष होने वाले टेस्ट में संदीप सैनी की जगह अशोक कुमार जाट नामक युवक उपस्थित हुआ था।
आधार और जनआधार कार्ड की जांच के दौरान पहचान में गड़बड़ी सामने आने पर डॉक्टरों ने मौके पर ही अशोक कुमार जाट को पकड़ लिया। इसके बाद एसओजी थाने में बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने पहले झुंझुनू के बीडीके अस्पताल से ‘हेमीपेरेसिस’ का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाया और बाद में कूटरचना कर उसे ‘हियरिंग इम्पेयरमेंट’ (मूक-बधिर) में बदल दिया। इसी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर उसने दिव्यांग कोटे से जेवीवीएनएल में टेक्निकल हेल्पर-III पद पर नौकरी हासिल की।
रि-मेडिकल के दौरान फर्जीवाड़ा उजागर होने के डर से उसने अपने परिचित को 10 हजार रुपए देकर डमी के रूप में भेजा, और सफल होने पर अधिक रकम देने का लालच भी दिया।
एसओजी के अनुसार आरोपी झुंझुनू जिले के बबाई क्षेत्र स्थित मामराज की ढाणी का निवासी है और सांगानेर में कार्यरत था। फिलहाल आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी गहन जांच जारी है।