राजस्थान कांग्रेस का ‘डोटासरा मॉडल’ बना राष्ट्रीय मिसाल
निसं
सीकर (नवयत्न)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में राजस्थान कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में दिल्ली में एआईसीसी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजस्थान कांग्रेस के कार्यों की जमकर तारीफ की, तो वहीं किशनगढ़ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदेश इकाई की सक्रियता और संगठनात्मक मजबूती की प्रशंसा की।
सीकर (नवयत्न)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में राजस्थान कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में दिल्ली में एआईसीसी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजस्थान कांग्रेस के कार्यों की जमकर तारीफ की, तो वहीं किशनगढ़ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदेश इकाई की सक्रियता और संगठनात्मक मजबूती की प्रशंसा की।
इससे पूर्व 28 अप्रैल 2025 को जयपुर में आयोजित “संविधान बचाओ” रैली के दौरान भी राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने राजस्थान कांग्रेस संगठन के कार्यों की सराहना की थी ।
रामनिवास बिडोदी विधानसभा समन्वयक,राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा की सबसे बड़ी उपलब्धि राजस्थान के 52 हजार से अधिक पोलिंग बूथों तक कांग्रेस संगठन को सक्रिय करना रही है। बूथ स्तर पर बीएलए नियुक्त करने से लेकर जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर की कार्यकारिणियों के गठन तक – यह वह कार्य है जिसे वर्षों से केवल चर्चा में रखा गया था, लेकिन डोटासरा के नेतृत्व में इसे जमीनी स्तर पर उतारा गया।
दो दशक बाद मिली बड़ी सफलता:
इस मजबूत संगठन का असर चुनावी परिणामों में भी दिखा। लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को राजस्थान में 11 सीटों पर जीत मिली, जिसमें कांग्रेस के खाते में 8 सीटें आईं – लगभग दो दशक बाद ऐसा प्रदर्शन किया। विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी।
नेता प्रतिपक्ष के साथ बेहतर तालमेल:
डोटासरा की एक और बड़ी सफलता विधायक दल के साथ समन्वय बनाए रखना रहा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली और डोटासरा के बीच बेहतर तालमेल से विपक्ष को मजबूती मिली और कई जनहित के मुद्दों पर सत्तापक्ष प्रभावी ढंग से घिरा।
राजस्थान मॉडल को देशभर में अपनाने की तैयारी:
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस नेतृत्व ‘राजस्थान मॉडल’ को देश के अन्य राज्यों में भी लागू करने पर विचार कर रहा है, ताकि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाया जा सके। डोटासरा अब केवल प्रदेशाध्यक्ष नहीं, बल्कि संगठन निर्माण, कार्यकर्ता सम्मान और राजनीतिक प्रतिबद्धता की मिसाल बन चुके हैं, जिनके काम की गूंज राजस्थान से दिल्ली तक सुनाई दे रही है।