राजस्थान इंटेलिजेंस ने किया आईएसआई (पाकिस्तानी) एजेंट को गिरफ्तार
निसं
जयपुर (नवयत्न)। राजस्थान इंटेलिजेंस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए कथित रूप से जासूसी करने वाले एक संदिग्ध युवक को जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भारतीय सेना और बीएसएफ की गतिविधियों की निगरानी कर संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान स्थित हैंडलरों तक पहुंचाने का आरोप है। मामले में राजस्थान इंटेलिजेंस ने शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों द्वारा राजस्थान में संचालित की जाने वाली जासूसी गतिविधियों पर सीआईडी इंटेलिजेंस लगातार निगरानी रखती है। इसी दौरान जैसलमेर जिले के नाचना थाना क्षेत्र के खारिया इलाके में रहने वाले मुस्ताक अली (26) की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मुस्ताक अली सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के हैंडलरों के संपर्क में था। इसके बाद उसे जयपुर स्थित केंद्रीय संयुक्त पूछताछ केंद्र (सीजेआईसी) लाकर विभिन्न सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से पूछताछ की। पूछताछ और मोबाइल फोन से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि वह पिछले करीब दो वर्षों से पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी को बॉर्डर क्षेत्र की मुख्य सड़क पर दुकान खोलने का कार्य सौंपा गया था ताकि वह वहां से गुजरने वाली सेना और बीएसएफ की गतिविधियों पर नजर रख सके। आरोप है कि वह सेना और बीएसएफ के मूवमेंट के वीडियो तथा फोटोग्राफ तैयार कर पाकिस्तानी हैंडलरों को भेजता था।
इतना ही नहीं, आरोपी कथित रूप से धनराशि के लालच में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी एकत्र कर पाकिस्तान तक पहुंचा रहा था। तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ में इन गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद राजस्थान इंटेलिजेंस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी को उसके पाकिस्तान में रहने वाले रिश्तेदार के माध्यम से आईएसआई हैंडलरों से जोड़ा गया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह पिछले दो वर्षों से रणनीतिक महत्व के स्थानों से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और सूचनाएं साझा कर रहा था।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा उसने अब तक कितनी संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को उपलब्ध कराई हैं।