समारोह पूर्वक मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती

नवरतन वर्मा

रतनगढ़    (नवयत्न)  ।  कोई भी व्यक्ति एक दिन में यूं ही महान नहीं बन जाता, उसके लिए सतत् संघर्ष करना पड़ता है, त्याग और बलिदान देना पड़ता है, समर्पण करना पड़ता है, तपस्या करनी पड़ती है तब जाकर कोई महाराणा प्रताप जैसा महान बन पाता है। यह उद्गार महाराणा प्रताप जयंती समारोह के मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए लोहिया महाविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर इतिहासकार कमलसिंह कोठारी ने प्रकट किए। कोठारी ने कहा महाराणा प्रताप की जयंती को एक उत्सव के रूप में मनाया जाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है जिस प्रकार महाराष्ट्र में शिवाजी की और पंजाब में गुरु गोविंदसिंह की जयंती समारोह पूर्वक मनाई जाती है। भारत विकास परिषद् ,शाखा के तत्वावधान में आयोजित महाराणा प्रताप के 486 जयंती के अवसर पर स्थानीय संचियालाल बैद आदर्श विद्या मंदिर के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुरेन्द्र कौशिक कहा कि, महाराणा प्रताप के नाम से व्यक्ति का रोम-रोम रोमांचित हो जाता है। उनका व्यक्तित्व अद्भुत था, राष्ट्रभक्ति और न्याय प्रियता के लिए महाराणा प्रताप को जाना जाता है। थाना अधिकारी गौरव खिड़िया ने कहा कि राजतंत्र में भी लोकतंत्र की झलक का प्रमाण थे महाराणा प्रताप जो अपने समय के सबसे लोकप्रिय व्यक्तित्व के धनी थे। दीप प्रज्ज्वलन तथा भारत माता, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ दीप मंत्र एवं राष्ट्रगीत वंदेमातरम से कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण जांगिड़, शिवप्रसाद महर्षि, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शिवभगवान कम्मा, सेवानिवृत प्रोफेसर कल्याणसिंह चारण, भारत विकास परिषद् शाखा अध्यक्ष परमेश्वरलाल आत्रेय मंचस्थ अतिथि थे। कार्यक्रम को वासुदेव चाकलान , सत्यनारायण टेलर, मदनलाल कम्मा, ओमप्रकाश सांखोलिया, जयकांत बींवाल, कुलदीप व्यास, शरद शर्मा, राजेन्द्र बिदावत, हिमांशु मालपुरिया द्वारा संबोधित किया गया। अरविंद मिश्रा द्वारा वीर बालक दूधा पर कविता प्रस्तुत की गई, संजय चारण द्वारा हल्दीघाटी गीत प्रस्तुत किया गया। परिषद् के कोषाध्यक्ष राकेश नायक द्वारा आभार प्रकट किया गया तथा नए बने सदस्यों श्यामसिंह राजपुरोहित, जीवराज झाझडिया, मुकेश राठौड़, पुरुषोत्तम सोनी का दुपट्टा पहना कर स्वागत् किया गया। कार्यक्रम का मंचीय संचालन युवा कवि मनोज चारण द्वारा किया गया।

You might also like