अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर गिरफ्तार: 50 ग्राम स्मैक और 11.40 लाख नकदी बरामद
निसं
जयपुर (नवयत्न)। खोह नागोरियान थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 50 ग्राम अवैध स्मैक तथा नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित 11 लाख 40 हजार रुपए की नकदी बरामद की है। फिलहाल आरोपित तस्कर से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) रंजीता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद इरफान अंसारी (45) मूल रूप से कोटा जिले के रामपुरा कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित कर्बला लाडपुरा इलाके का निवासी है। आरोपी लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त था और उसके खिलाफ कोटा में धोखाधड़ी के दर्जनों मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
खोह नागोरियान थानाधिकारी प्रकाशराम के अनुसार आरोपी कोटा पुलिस की नजरों से बचने के लिए जयपुर आ गया था। वह खोह नागोरियान क्षेत्र में जेएनयू अस्पताल के पीछे स्थित आयशा नगर कॉलोनी में मकान संख्या 10 में किरायेदार बनकर रह रहा था। यहां उसने अपनी वास्तविक पहचान छिपा रखी थी और इसी ठिकाने से शहर में स्मैक तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। जिस पर पुलिस को मुखबिर और तकनीकी शाखा से सूचना मिली थी कि जेएनयू अस्पताल के पीछे एक तस्कर सक्रिय रूप से नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहा है।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से आयशा नगर स्थित ठिकाने पर दबिश दी और आरोपी मोहम्मद इरफान अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 50 ग्राम स्मैक और 11.40 लाख रुपए नकद बरामद किए गए।
पुलिस आरोपी से स्मैक की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क, मुख्य सप्लायर तथा अन्य सहयोगियों के संबंध में पूछताछ कर रही है। साथ ही उसके आपराधिक रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है, जिससे नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
इस कार्रवाई में खोह नागोरियान थाना टीम के थानाधिकारी प्रकाशराम, उप निरीक्षक मुकेश कुमार, कांस्टेबल बजरंगलाल, धीरज और सुमनेश शामिल रहे। वहीं जिला स्पेशल टीम के प्रभारी सुखवीर, उपनिरीक्षक बन्नालाल, सहायक उपनिरीक्षक छीतरमल, हेड कांस्टेबल तुलसीराम तथा कांस्टेबल धर्मेन्द्र, देवेन्द्र, राजेश, हेमंत, नीरज और जितेन्द्र ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा तकनीकी शाखा के कांस्टेबल दयाराम ने आरोपी की लोकेशन ट्रैक करने और कार्रवाई को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया।