पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी उतरे सड़को पर, नारेबाजी कर जताया आक्रोश

नवरतन वर्मा
चूरू (नवयत्न)।  अपनी 16 सूत्रीय मांगों क़ो लेकर लम्बे समय से संघर्षरत पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी अब सड़को पर उतर प्रदर्शन कर रहे है और अपनी मांगो के समर्थन में सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए शुक्रवार क़ो कर्मचारी संग़ठन के बैनर तले जिला परिषद सभागार के आगे सद्बुद्धि यज्ञ किया गया। इस दौरान मंत्रालयिक कर्मचारियो ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। संग़ठन से जुड़े जितेंद्र शेखावत ने बताया पिछले लम्बे समय से पंचायती राज संस्थाओं के लगभग 16 हजार मंत्रालयिक कर्मचारियों की जायज मांगों को कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 की जांच का हवाला देकर लंबित रखा गया है। संगठन का कहना है कि किसी भर्ती प्रक्रिया की जांच के नाम पर कर्मचारियों की सेवा संबंधी मांगों पर विचार नहीं करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। संगठन ने विभाग पर मंत्रालयिक कर्मचारियों के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मौलिक एवं न्यायोचित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन का यह भी कहना है कि विभिन्न जांचों के नाम पर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है।

इसी के विरोध में संगठन ने “स्वाभिमान बचाओ आंदोलन – ध्यानाकर्षण से जल समाधि तक” कार्यक्रम की घोषणा की है। आंदोलन के तहत चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से सरकार का ध्यान कर्मचारियों की मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।

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