कमांडो महन कुमार सरहद की रक्षा के बाद अब पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा में निभा रहे हैं अहम भूमिका

सुभाष वर्मा
तारानगर (नवयत्न) ।  भारतीय थल सेना से सेवानिवृत्त तारानगर तहसील के भलाऊ ताल गांव निवासी सैनिक एवं भूतपूर्व एनएसजी कमांडो महन कुमार कई सालों तक देश की सरहदों की रक्षा करने बाद अब पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं। कमांडो महन कुमार ने अपने गांव के खेल मैदान में स्वयं श्रमदान करते हुए तथा भामाशाह के रूप में सहयोग देकर 251 पौधे लगाए हैं। उन्होंने मैदान की तारबंदी के साथ लगाए गए सभी पौधों के लिए बूंद-बूंद सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) पद्धति से पानी की व्यवस्था भी की है, जिससे पौधों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित कमांडो महन कुमार ने अपने गांव की मोक्षभूमि में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। मोक्षभूमि में फैली झाड़-झंखाड़ एवं कांटेदार झाड़ियों को हटाकर ग्रामीणों ट्रैक्टर से जमीन समतलीकरण में निशुल्क सहयोग से भूमि को समतल करवाया गया। इस कार्य में समस्त ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं के सहयोग से 271 पौधों के लिए बूंद-बूंद सिंचाई व्यवस्था स्थापित कर पौधरोपण अभियान को सफल बनाया। इस कार्यक्रम में संगीतकार महावीर यादव, सुल्तान जांगिड़, मंगनीराम, भागीरथ बेनीवाल, महावीर सिंह, राजू सुथार, बलबीर, हनुमान, रामावतार, लक्ष्मण राम, बजरंग राजपूत, महेश चौधरी सहित गांव के समस्त ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। गांव की महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। पौधरोपण कार्यक्रम में तारानगर के प्रशासनिक अधिकारी, खंड मुख्य शिक्षा अधिकारी तथा क्षेत्रीय वन अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने महन कुमार द्वारा किए जा रहे पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों की सराहना की। महन कुमार का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनकी प्रेरणादायक सोच और कार्यों को देखते हुए हम सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए। कमांडो महन कुमार संयुक्त राष्ट्र संघ की शांति सेना के अंतर्गत इज़राइल और सीरिया में सेवाएं दे चुके तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कमांडो महन कुमार ने देहदान का संकल्प भी ले रखा है, जो उनके समाज सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है। कमांडो महन कुमार वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीमथल (बाड़मेर) में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। अपने कार्यस्थल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीमथल, धोरीमन्ना (बाड़मेर) में भी उन्होंने भामाशाहों के सहयोग से अनेक फलदार, फूलदार, छायादार एवं दीर्घायु वृक्ष लगवाकर विद्यालय परिसर का स्वरूप ही बदल दिया है।

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