बीमा पॉलिसी जारी करते समय उपभोक्ताओं को नियम व शर्तें स्पष्ट बताना अनिवार्य

सुरेंद्र शर्मा
झुंझुनू (नवयत्न) । जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, झुंझुनू के महत्वपूर्ण आदेशों की पालना में विभिन्न बीमा कंपनियों एवं ई-कॉमर्स कंपनी द्वारा आयोग में अवार्ड राशि जमा करवाए जाने के बाद पीड़ित 38 उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली। आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने उपभोक्ताओं को चेक वितरित करते हुए कहा कि उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी कंपनी को उपभोक्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील एवं सदस्य प्रमेंद्र कुमार सैनी ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि यदि कोई बीमा कंपनी किसी बीमा पॉलिसी को निरस्त करती है, तो उसे निर्धारित विधिक प्रक्रिया का पूर्ण पालन करते हुए उपभोक्ता को उसकी स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य है। आयोग ने कहा कि केवल पॉलिसी निरस्त कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कंपनी को यह भी साबित करना होगा कि उसने पॉलिसी निरस्तीकरण की संपूर्ण कानूनी प्रक्रिया तथा उसके कारणों से उपभोक्ता को विधिवत अवगत कराया था।
आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा कि बीमा पॉलिसी जारी करते समय कंपनियों का यह दायित्व है कि वे उपभोक्ताओं को पॉलिसी की सभी शर्तें, नियम, अपवाद, अधिकार एवं दायित्व स्पष्ट रूप से समझाएं। यदि कंपनियां ऐसा नहीं करती हैं , तो इसका प्रतिकूल परिणाम उन्हें उपभोक्ता विवाद की स्थिति में भुगतना पड़ सकता है।
निर्णय में आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के एक महत्वपूर्ण फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बीमा कंपनियां केवल अपने व्यावसायिक लाभ और मुनाफे को प्राथमिकता नहीं दे सकतीं। उन्हें उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से कार्य करना होगा।
आयोग के आदेशों के बाद फ्यूचर जनरली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, के 33 उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की गई। इसके अलावा चोलामंडलम एसएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, आईसीआईसीआई, इफको टोक्यो इंश्योरेंस कंपनी तथा फ्लिपकार्ट से जुड़े उपभोक्ताओं को भी आयोग के आदेशों का लाभ मिला। फ्लिपकार्ट से संबंधित 2 तथा अन्य कंपनियों से संबंधित 1-1 उपभोक्ता को राहत प्रदान की गई।
आयोग के आदेश की पालना में विभिन्न कंपनियों ने अवार्ड राशि आयोग में जमा करवाई। इनमें चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने 16.88 लाख रुपए, आईसीआईसीआई ने 81,454 रुपए, इफको टोक्यो ने 3.15 लाख रुपए तथा फ्लिपकार्ट ने 1.87 लाख रुपए आयोग में जमा करवाए। इसके बाद आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने संबंधित उपभोक्ताओं को चेक सौंपकर राशि वितरित की।
इस अवसर पर जिला जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह, आयोग सदस्य प्रमेंद्र कुमार सैनी, रीडर महावीर मीणा, लेखा शाखा प्रभारी चंदन सैनी, मोहम्मद आदिल, अमित शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं संबंधित उपभोक्ता उपस्थित रहे। आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी बीमा पॉलिसी को लेने से पहले उसकी सभी शर्तों को भली-भांति समझें तथा यदि किसी प्रकार की अनुचित कार्रवाई होती है तो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाने में संकोच न करें। उन्होंने बीमा कंपनियों को भी आगाह किया है कि वे उपभोक्ता को सभी शर्तें व नियम स्पष्ट रूप से बताएं।

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