शीश नवाकर शहीदों का करें सम्मान-संतोष अहलावत, 30 साल बाद मिला शहादत को सम्मान
निसं
सूरजगढ़ (नवयत्न) । शहीद प्रतिमा के सामने से गुजरें तो हमेशा शीश झुकाकर शहीदों को नमन करना चाहिए यह बात मंगलवार को काकोडा ग्राम पंचायत के ख्यालियों की ढ़ाणी में सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित शहीद शीशराम धनखड़ की प्रतिमा अनावरण समारोह के दौरान समारोह की अध्यक्षता कर रही प्रदेश महिला | मोर्चा प्रभारी संतोष अहलावत ने कही। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक सुभाष पूनियां, जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुल्हरी रहे। निवर्तमान प्रधान बलवान सिंह, प्रेम सिंह बाजौर ने फीता काटकर प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान अतिथियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शहीद को श्रद्धांजली दी। अतिथियों ने शहीद की माता परमेश्वरी देवी व विरांगना अनिता देवी का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि बाजौर ने कहां कि शहीद से बड़ा कोई देवता नहीं होता उनका सम्मान करना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। इस मौके पर सैनिक कल्याण अधिकारी सुरेश जांगिड़, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सरोज श्योराण, भाजयूमों जिलाध्यक्ष जयसिंह मांद; प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विकास शर्मा, नगर मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार सैनी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा, पूर्व सरपंच सत्यवीर डैला, महामंत्री संतोष कुमावत, लाखु मंडल अध्यक्ष प्रमोद डैला, बीसीएमओ डॉ. हरेन्द्र धनखड़, सत्यनारायण धनखड़, विनोद धनखड़, अशोक धनखड़ सहित सैंकड़ों लोग मौजूद रहे।
शहादत के 30 साल बाद मिला सम्मान
शहीद शीशराम धनखड़ की शहादत के 30 साल बाद शहादत का सम्मान प्राप्त हुआ। परिजनों से मिल्ती जानकारी के अनुसार शीशराम धनखड़ 28 फरवरी 1994 की छठी ग्रेनेडियर में सियाचिन ग्लेशीयर भर्ती हुए थे। 1996 में ऑपरेशन मेघदूत के दौरान देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी। 30 साल बाद जाके शहीद के परिजनों को उनके लाडले का शहादत सम्मान मिला है। यह परिजनों के लिए भावुकता के साथ खुशी का पल भी था की 30 साल बाद ढाणी में शहीद की प्रतिमा का अनावरण हुआ।