जैन मंदिर से हनुमान मंदिर तक बेतरतीब पार्किंग, आधा रास्ता रोक कर बैठे दुकानदार, पैदल चलना भी मुश्किल
श्रीराम तिवाड़ी
नोखा (नवयत्न)। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और मुख्य बाजार को अवैध पार्किंग से मुक्त कराने को लेकर सीएलजी बैठक में अधिकारियों की ओर से कार्रवाई के दावे किए गए थे। बैठक में अवैध पार्किंग और बेतरतीब खड़े वाहनों के खिलाफ सख्ती की बात कही गई, लेकिन धरातल पर स्थिति अब भी जस की तस नजर आ रही है। नोखा के जैन मंदिर से हनुमानजी मंदिर, कटला चौक से घंटाघर होते हुवे हाइवे, कटला चौक से लखारा चौक से रेलवे स्टेशन तक होते हुए हाईवे तक सडक़ के दोनों ओर दुपहिया वाहन तथा जगह-जगह पिकअप और कैंपर गाडिय़ां खड़ी रहने से राहगीरों के लिए पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। व्यस्त मार्ग होने के बावजूद लंबे समय तक वाहन सडक़ किनारे खड़े रहते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
डिवाइडर सडक़ पर भी एक तरफ का रास्ता बाधित
जैन मंदिर से हनुमानजी मंदिर तक सडक़ डिवाइडर वाली है। इसके बावजूद सडक़ के एक तरफ व्यापारियों और अन्य लोगों द्वारा सामान, वाहन एवं अन्य गतिविधियों के कारण रास्ता काफी हद तक बाधित रहने की शिकायत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति आज की नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। सडक़ का एक हिस्सा यदि पार्किंग और सामान रखने में ही उपयोग होता रहेगा तो डिवाइडर सडक़ बनाने का उद्देश्य ही प्रभावित होता है। इस मार्ग से गुजरने वाले पैदल यात्रियों, दुपहिया वाहन चालकों और अन्य वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अधिकारी और पुलिस भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं ?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस मार्ग पर लंबे समय से अव्यवस्थित पार्किंग और सडक़ बाधित होने की स्थिति बनी हुई है, वहां से सरकारी अधिकारी और पुलिसकर्मी भी नियमित रूप से गुजरते हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आम नागरिक सडक़ पर गलत तरीके से वाहन खड़ा करे तो कार्रवाई की बात होती है, लेकिन मुख्य बाजार और प्रमुख मार्गों पर लंबे समय से चल रही अव्यवस्थित पार्किंग एवं सडक़ घेरने की समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती।
जैन मंदिर से बागड़ी हॉस्पिटल तक यातायात व्यवस्था चुनौती
जैन मंदिर से हनुमानजी मंदिर, कृष्ण मंदिर होते हुए हाईवे तक का मार्ग शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। इस मार्ग पर लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सडक़ किनारे दुपहिया वाहनों के साथ पिकअप और कैंपर जैसी बड़ी गाडिय़ों के खड़े रहने से सडक़ की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाती है। जैन मंदिर से बागड़ी हॉस्पिटल तक दोपहर बाद तो ढेले लगने से पुरी सडक़ जाम हो जाती है यहां पर फास्ट फूड के ढेले लगते है जिससे जाम की स्थिति रहती है कई बार तो इमरजेंसी में एम्बुलेंस तक निकला मुश्किल हो जाता है। कई जगह स्थिति ऐसी बन जाती है कि पैदल चलने वाले लोगों को भी वाहनों के बीच से होकर निकलना पड़ता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
केवल बैठक नहीं, धरातल पर चाहिए कार्रवाई
सीएलजी बैठक में यातायात व्यवस्था सुधारने, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने और बाजार में जाम की समस्या से निजात दिलाने पर जोर दिया गया था। ऐसे में अब लोगों का सवाल है कि बैठक में लिए गए निर्णयों का वास्तविक पालना कब दिखाई देगा ? स्थानीय लोगों की मांग है कि जैन मंदिर से हाईवे तक पूरे मार्ग का प्रशासन एवं पुलिस द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जाए। सडक़ पर खड़े वाहनों के लिए स्पष्ट नो-पार्किंग क्षेत्र निर्धारित किए जाए, लगातार निगरानी रखी जाए तथा सडक़ अथवा फुटपाथ बाधित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। नोखा की जनता अब यह देखना चाहती है कि सीएलजी बैठकों में होने वाली चर्चाएं और कार्रवाई के दावे कागजों तक सीमित रहते हैं या फिर मुख्य बाजार की सडक़ों पर वास्तव में बदलाव दिखाई देता है।