नगर पालिका बोर्ड बनाने में निर्दलीयों की रहेगी अहम भूमिका

ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न)। राजलदेसर नगर पालिका चुनाव का मतदान संपन्न होने के बाद अब कस्बे की गलियों, चौराहों और चाय की दुकानों पर चुनावी चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। हर कोई अपने-अपने प्रत्याशी की जीत के दावे कर रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि राजलदेसर नगर पालिका में आखिर किसका बोर्ड बनेगा ? जनमानस के बीच चल रही चर्चाओं और वार्डवार मुकाबले के आकलन के अनुसार इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में नगर पालिका में बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। यही कारण है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की निगाहें अब संभावित निर्दलीय विजेताओं पर टिकी हुई हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से अपने-अपने प्रत्याशियों से संपर्क और बाड़ाबंदी की कवायद भी शुरू कर दी गई है। दोनों दलों के नेता अपने-अपने बोर्ड बनने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इस बार अधिकांश वार्डों में कांटे की टक्कर के चलते चुनाव परिणाम को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। लोगों का कहना है कि इस बार कई वार्डों में मुकाबला इतना करीबी रहा कि जीत-हार का अनुमान लगाना मुश्किल है। ऐसे में 14 सितंबर को सामने आने वाले परिणाम कई राजनीतिक समीकरणों को बदल सकते हैं। इस चुनाव में पिछले कार्यकाल के दौरान पालिका में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों को लेकर उठे सवाल भी प्रमुख मुद्दा रहे। यदि वास्तव में जनता ने इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए मतदान किया है तो परिणाम में कुछ चौंकाने वाले उलटफेर देखने को मिल सकते हैं। वहीं इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। इनमें कांग्रेस के पूर्व पालिका अध्यक्ष हंसराज पारीक की पुत्रवधू ज्योति पारीक भाजपा के लगातार तीन बार मंडल अध्यक्ष रह चुके वर्तमान जिला प्रवक्ता पवन बोथरा, पूर्व पालिका अध्यक्ष गोपाल मारू, भाजपा नगर अध्यक्ष विष्णु प्रजापत, कांग्रेस नगर अध्यक्ष जब्बार खोखर, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश घिंटाला, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष ओमप्रकाश कटारिया, एडवोकेट सतीश मारू, कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष लाभचंद सोनी, कामगार समाज के अध्यक्ष एवं निर्दलीय प्रत्याशी जयचंद महावर, पूर्व पार्षद धनपत शर्मा, कामरेड आर्यवीर भादर भामू, प्रदीप पांडे सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं और प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य अब ईवीएम में कैद हो चुका है। 14 सितंबर को मतगणना के बाद ही पता चलेगा कि जनता का जनादेश किसके पक्ष में जाता है और किसका राजनीतिक कद बढ़ता या घटता है। कांग्रेस के पूर्व पालिका अध्यक्ष हंसराज पारीक और कांग्रेस नगर अध्यक्ष खेमचंद बरड़िया का दावा है कि जनता ने इस बार कांग्रेस का बोर्ड बनाने का मन बना लिया है। वहीं भाजपा जिला प्रवक्ता पवन बोथरा का कहना है कि इस बार भाजपा पूर्ण बहुमत हासिल कर नगर पालिका में अपना बोर्ड बनाएगी। दोनों प्रमुख दलों के दावों के बीच अब सबकी नजरें 14 सितंबर की मतगणना पर टिकी हैं। मतगणना सुबह करीब 10 बजे तक चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल राजलदेसर में चुनावी चर्चाओं का बाजार गर्म है और यदि स्थानीय आकलन सही साबित हुआ तो इस बार निर्दलीय प्रत्याशियों की बल्ले-बल्ले होना तय माना जा रहा है। बोर्ड बनाने की चाबी भी इन्हीं निर्दलीय पार्षदों के हाथ में आ सकती है।

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