सात दिन में एक बार नाममात्र की पानी सप्लाई

निसं
खेतड़ी (नवयत्न)। नानूवाली बावड़ी गांव में पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को जलदाय विभाग के कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से वार्ता कर नियमित और पर्याप्त पानी की सप्लाई शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में करीब सात दिन में एक बार पानी आता है। वह भी नाममात्र की सप्लाई होने से लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों फसल कटाई का समय है। ऐसे में पेयजल की अनियमित सप्लाई से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉ. शीशराम गुर्जर ने आरोप लगाया कि पानी की सप्लाई खोलने वाले कर्मचारियों को बाहर के लोग धमकाते हैं। वहीं एलएनटी कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिलने से समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार कर्मचारी फोन भी बंद कर लेते हैं। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के अधिशाषी अधिकारी से फोन पर समस्या को लेकर बात की।
संरपच को बताया जिम्मेदार
ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी ने बैठक में होने की बात कही और समस्या के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच को जिम्मेदार बताया। ग्रामीणों ने गांव में बनी पानी की टंकी की पिछले पांच साल से सफाई नहीं होने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि इससे लोगों को दूषित पानी मिलने की आशंका बनी हुई है। बाद में ग्रामीणों ने एलएनटी कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की। कंपनी अधिकारियों ने बुधवार से पानी की सप्लाई सुचारू रूप से शुरू करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि नियमित पेयजल सप्लाई शुरू नहीं हुई तो जलदाय विभाग कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।
इन्होंने जताया विरोध
विरोध जताने वालों में संजय सैनी, धर्मेंद्र गुर्जर, बलबीर सैनी, रामनिवास सैनी, सुनील सैनी, अरविंद सैनी, पुष्पेंद्र सैनी, संदीप सैनी, पवन सैनी, सुभाष सैनी, बुल्ली सैनी, राजेंद्र सैनी, योगेश सैनी, अनिल सैनी, हंसराज गुर्जर, मोहित गुर्जर और हिमांशु गुर्जर सहित अन्य ग्रामीण शामील थे।

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