मजदूरों के हक पर 300 से ज्यादा निर्माणकर्ताओं का डाका, अब होगी वसूली

सुरेंद्र शर्मा
झुंझुनूं (नवयत्न)। मजदूरों के कल्याण के लिए निर्धारित लेबर सेस की वसूली को लेकर श्रम विभाग ने जिले में कार्रवाई तेज कर दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 300 से अधिक निर्माण स्थलों के मालिकों एवं संस्थानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। निर्धारित समय में सेस जमा नहीं कराने पर ब्याज, पेनल्टी के साथ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलेक्टर सभागार में बीओसीडब्ल्यू टास्क फोर्स की बैठक हुई। श्रम कल्याण अधिकारी मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि सरकारी विभागों एवं नगरीय निकायों को निर्माण कार्यों के वर्क ऑर्डर की सूचना श्रम विभाग को उपलब्ध कराने तथा प्रतिमाह सेस जमा कराने की जानकारी कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। श्रम विभाग की ओर से आवासीय, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक भवनों सहित शिक्षण संस्थान, धर्मशाला, सामुदायिक भवन, होटल, क्लब, रेस्टोरेंट, अस्पताल, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, वेयरहाउस और हाउसिंग सोसायटी समेत अन्य निर्माण स्थलों का सर्वे एवं क्षेत्रफल मापन किया जा रहा है। निर्माण, परिवर्तन और मरम्मत से संबंधित कार्य भी इसके दायरे में शामिल हैं।
निर्माण लागत का एक प्रतिशत सेस
श्रम कल्याण अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्य की लागत का एक प्रतिशत भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण उपकर के रूप में जमा कराया जाना है। 27 जुलाई 2009 के बाद निर्मित सरकारी, वाणिज्यिक एवं निजी आवासीय भवनों तथा निर्माण कार्यों को उपकर के दायरे में रखा गया है। नियत समय में उपकर जमा नहीं कराने पर 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और 100 प्रतिशत पेनल्टी का प्रावधान है। हाल ही में जिले में एक संस्थान के खिलाफ कुर्की नोटिस के बाद सीलबंदी की कार्रवाई भी की गई है। श्रम विभाग ने नियोजकों, ठेकेदारों एवं संस्थान प्रतिनिधियों से समय पर उपकर जमा कराने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया कि उपकर निर्धारण के लिए आवश्यक जानकारी जुटाने के उद्देश्य से संस्थानों का निरीक्षण एवं सर्वे किया जा सकता है।

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