जिला अस्पताल के टॉयलेट में करीब छह माह का भ्रूण मिलने से मचा हड़कंप

श्रीराम तिवाड़ी
नोखा (नवयत्न)। बीकानेर जिले के नोखा स्थित जिला अस्पताल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्पताल परिसर में लैब के सामने बने टॉयलेट में सफाईकर्मियों को करीब पांच से छह माह का भ्रूण पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई। जानकारी के अनुसार शनिवार को अस्पताल में नियमित सफाई कार्य के दौरान सफाईकर्मियों की नजर टॉयलेट में पड़े भ्रूण पर गई। भ्रूण को देखकर सफाईकर्मी घबरा गए और उन्होंने तत्काल अस्पताल के डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए नोखा पुलिस को भी अवगत कराया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद नोखा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने टॉयलेट तथा उसके आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाई। साथ ही अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भ्रूण को टॉयलेट तक कौन लेकर आया था। पुलिस द्वारा अस्पताल में पिछले 24 घंटे के दौरान भर्ती हुई प्रसूताओं और गर्भवती महिलाओं से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भ्रूण अस्पताल में किसी मरीज से संबंधित है अथवा उसे बाहर से लाकर यहां छोड़ा गया।
अवैध गर्भपात की आशंका, लेकिन जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट
प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि किसी महिला द्वारा गर्भपात के बाद भ्रूण को टॉयलेट में फेंका गया हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भ्रूण अस्पताल में भर्ती किसी महिला का है या बाहर से यहां लाया गया। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। भ्रूण की चिकित्सकीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
टॉयलेट के आसपास आवाजाही पर लगाई रोक
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने टॉयलेट के आसपास लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी, ताकि घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें। पुलिस ने भी मौके का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले और बाद के समय में टॉयलेट के आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे और किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि तो नहीं हुई।
अस्पताल प्रशासन ने दिए आंतरिक जांच के निर्देश
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक स्तर पर जांच के निर्देश दिए हैं। अस्पताल में हाल के समय में भर्ती हुई प्रसूताओं एवं गर्भवती महिलाओं से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस और अस्पताल प्रशासन के स्तर पर जुटाई जा रही जानकारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भ्रूण अस्पताल परिसर में कैसे पहुंचा। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा, निगरानी और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस प्रकार भ्रूण का मिलना गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचना आवश्यक है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और भ्रूण को टॉयलेट में छोड़ने वाले व्यक्ति के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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