नीलगाय शिकार गिरोह का पर्दाफाश, 25 हजार रुपए में होटलों व ढाबों पर बेचते थे मांस
महेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न)। वन विभाग की टीम ने नीलगाय के शिकार के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक शिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी रात में नीलगाय को गोली मारकर शिकार करता था और उसके मांस को जयपुर की होटलों व ढाबों पर 25-25 हजार रुपए में बेच देता था। उप वन संरक्षक सीकर प्रदीप कुमार के निर्देशन व सहायक वन संरक्षक मुख्यालय कीर्ति राठौड़ के समन्वय में क्षेत्रीय वन अधिकारी श्रीमाधोपुर जितेन्द्र सिंह चौधरी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। टीम ने कार्रवाई करते हुए 29 सितंबर को दो नर नीलगाय के अवशेष बरामद किए और आरोपी रामदेव मोग्या पुत्र अर्जुनलाल मोग्या, निवासी बैरवा की ढाणी, शिवदासपुरा, जयपुर को गिरफ्तार किया। आरोपी दिन में नीलगाय की लोकेशन ट्रेस करते थे और रात के अंधेरे में गोली मारकर शिकार करते थे। एक नीलगाय का मांस जयपुर के होटलों और ढाबों में लगभग 25 हजार रुपए में बेचा जाता था। पकड़े जाने के डर से शिकार की जगह बार-बार बदली जाती थी।
कछुआ व छुरी बरामद, 14 अक्टूबर तक भेजा जेल
सहायक वन संरक्षक वन्यजीव सीकर देवेन्द्र सिंह राठौड़ के समक्ष पेश किए जाने के बाद आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। 30 सितंबर को न्यायालय एसीजेएम-2 श्रीमाधोपुर से आरोपी को 48 घंटे के रिमांड पर लिया गया, जिसके दौरान उसके कब्जे से शिकार में प्रयुक्त छुरी और एक जीवित कछुआ बरामद किया गया। रिमांड अवधि पूरी होने पर 2 अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट कम-01 सीकर के आदेशानुसार आरोपी को 14 अक्टूबर 2026 तक जेल भेज दिया गया है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39/51 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 3 साल तक की सजा का गैर-जमानती प्रावधान है। वन विभाग की टीम अब शिकार में शामिल अन्य सह-अभियुक्तों, शिकार में इस्तेमाल वाहनों और मांस खरीदने वाले होटलों व ढाबों की तलाश में जुटी हुई है। इस कार्रवाई में जुगराज मीणा, गोधराज काजला, अजयपाल गजराज, मंगलचन्द भादवा और किरण शामिल रहे।